राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन नीति 2009 की 12 प्रमुख बातें

Admin 5:12 pm
हमारे देश में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 लागू होने के बाद एक समुचित राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन नीति की परिकल्पना की गई जिससे कि सुरक्षित एवं सक्षम भारत का निर्माण किया जा सके l इसलिए वर्ष 2009 में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन नीति तैयार की गई जिसका विस्तृत वर्णन इस लेख में किया गया है l

आपदा प्रबंधन नीति 2009 की 12 प्रमुख बातें

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन नीति 2009 क्या है?


राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन नीति 2009 में आपदाओं की रोकथाम, शमन (Mitigation), तैयारी और रिस्पांस की संस्कृति के जरिये समग्र, बहु-आपदा केन्द्रित एवं प्रोद्योगिकी द्वारा संचालित रणनीति विकसित करके सुरक्षित एवं आपदा से निपटने में सक्षम भारत के निर्माण की परिकल्पना करती है l इसमें सिविल सोसायटी को शामिल करके आपदा प्रबंधन के सभी पहलुओं में पारदर्शिता लाने एवं जवाबदेह बनाने का प्रावधान किया गया है l

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन नीति 2009 की प्रमुख बातें कौन सी हैं?


राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन नीति 2009 में 12 प्रमुख बातों को शामिल किया गया है जिनका विवरण नीचे दिया गया है-


  1. आपदा प्रबंधन के लिए रोकथाम, न्यूनीकरण एवं पूर्व तैयारी के लिए एक समग्र और क्रियाशील दृष्टिकोण अपनाना l
  2. केंद्र एवं राज्य सरकारों के प्रत्येक मंत्रालयों एवं विभागों को आपदा प्रबंधन हेतु संवेदित करना और पूर्व तैयारी से संबंधित विशिष्ट योजनाओं एवं पद्धतियों के लिए एक सुनिश्चित निधि की व्यवस्था करना l
  3. जहाँ बहुत सारी परियोजनाएँ पंक्ति में हैं वहाँ आपदा न्यूनीकरण से संबंधित परियोजनाओं को प्राथमिकता देना l पूर्व से चल रहे परियोजनाओं और योजनाओं में आपदा न्यूनीकरण के उपायों को समाहित करना l
  4. आपदा से संभावित खतरों वाले क्षेत्रों की प्रत्येक परियोजना में न्यूनीकरण के उपायों का समावेश करना एक आवश्यक विचारणीय विषय होगा l परियोजना रिपोर्ट में यह स्पष्ट वर्णित होना चाहिए कि यह परियोजना किस प्रकार आपदाओं के संवेदनशीलता व खतरों को कम करने के उपायों को समाहित करता है l
  5. स्तर पर कॉरपोरेट सेक्टर, गैर सरकारी संगठनों एवं मीडिया के साथ घनिष्ठ संबंध स्थापित करते हुए आपदा की रोकथाम तथा संवेदनशीलता को कम करने का प्रयास करना l
  6. सुनियोजित एवं त्वरित कार्यवाही के लिए संस्थागत ढाँचा या कमांड चेन का निर्माण तथा आपदा प्रबंधकों के लिए समुचित प्रशिक्षण की व्यवस्था करना l
  7. क्षमता निर्माण के उपायों के लिए कार्ययोजना एवं तैयारियों की संस्कृति प्रत्येक स्तर पर निर्मित करना l
  8. विशेष प्रकार की आपदाओं के प्रबंधन के लिए राज्य एवं जिला स्तर पर तथा केंद्र सरकार से संबंधित विभागों में मानक संचालन कार्यप्रणाली और आपदा प्रबंधन कार्ययोजना का निर्माण करना l
  9. निर्माण प्रारूप (Construction Design) उपयुक्त भारतीय मानकों की अपेक्षाओं के अनुसार करना l
  10. भूकंप जोन 3, 4 और 5 में आने वाले जीवनदायी इमारतें (Lifeline Building) जैसे कि अस्पताल, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट एवं उसके कंट्रोल टावर्स, अग्निशमन केंद्र, बस स्टेशन, विद्यालय भवन, मुख्य प्रशासनिक भवन आदि का आकलन करके आवश्यकतानुसार उस संरचना का सुदृढ़ीकरण करना l
  11. वर्तमान में सभी राज्यों में लागू रिलीफ नियमावली में संसोधन कर उन्हें आपदा प्रबंधन नियमावली के रूप में विकसित करना ताकि कार्ययोजना निर्माण पद्धति को संस्थागत करके न्यूनीकरण एवं पूर्व तैयारी पर विशेष ध्यान दिया जा सके l
  12. आपदाओं के खतरों को स्थायी एवं प्रभावी रूप से कम करने के लिए सामुदायिक भागीदारी एवं जागरूकता निर्माण के लिए संवेदनशील आबादी के विभिन्न घटकों यथा महिलाओं और बच्चों पर विशेष ध्यान देना l
स्त्रोत: राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गृह मंत्रालय, भारत सरकार।

निष्कर्ष-


राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन नीति 2009 ने राष्ट्र को अधिक सुरक्षित और सक्षम बनाने में मदद की है l अब आपदा प्रबंधन मात्र रिलीफ केंद्र नहीं रह गया है अपितु आपदाओं की रोकथाम (Prevention), शमन (Mitigation), तैयारी (Preparedness), रिस्पांस (Response), पुनर्स्थापन (Rehabilitation) एवं पुनर्निर्माण (Reconstruction) आपदा प्रबंधन के महत्वपूर्ण घटक माने जा रहे हैं, और इन्हीं घटकों के आधार पर आपदा प्रबंधन नीति 2009 को तैयार किया गया है l

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