15 August speech in Hindi (स्वतंत्रता दिवस पर भाषण 2019)

15 August speech in hindi
15 August speech in Hindi

दोस्तों, भारत में हम हर साल 15 अगस्त को बड़े ही धूम-धाम से मनाते हैं l और मनाये भी क्यों नहीं? 15 अगस्त हमारे लिए सर्वश्रेष्ठ दिन जो हैं ! इस दिन हम आजादी के जश्न में डूब जाते हैं l स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजानिक संस्थाओं और निजी संस्थाओं में कई तरह के आयोजन किये जाते हैं l भाषण दिए जाते हैं l भाषण प्रतियोगिता भी आयोजित की जाती है l इसी कड़ी में आज हम आपके लिए लेकर आये हैं स्वतंत्रता दिवस पर भाषण 2019 l

15 August speech in hindi या स्वतंत्रता दिवस पर भाषण हिंदी में l स्वतंत्रता दिवस पर भाषण 2019 के अंतर्गत बेस्ट और लेटेस्ट 15 अगस्त स्पीच हिंदी में आप पढ़ेंगे l साथ ही 15 August par bhashan देना आपके लिए सहज हो जायेगा l 15 August speech या Independence day speech खासकर विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों या अन्य किसी भी नागरिकों के लिए अत्यंत ही सरल और सहज रूप में पेश किया जा रहा है l आप इसे एक-दो बार सिर्फ पढ़ भी लेंगे तो सहज ही किसी भी कार्यक्रम में दो शब्द बोल लेंगे l आपको भाषण रटने की जरुरत नहीं पड़ेगी l तो चलिए शुरू करते हैं l



15 August speech in hindi | 300 शब्दों में | विद्यार्थियों के लिए उपयुक्त |


आदरणीय मुख्य अतिथि, गुरुजनों, अभिभावकों एवं मेरे प्रिय साथियों ! मुझे बहुत ख़ुशी है कि आज 15 अगस्त अर्थात् स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुझे दो शब्द बोलने का अवसर मिला है l इसके लिए मैं आप सभी का आभारी हूँ l

15 अगस्त 1947 का दिन भारतीय इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है l इस दिन 200 सालों की गुलामी से हमें आजादी मिली थी l लेकिन, आजादी का यह सौभाग्य हमें खैरात में नहीं मिला l आजादी के लिए हमने लाखों क़ुर्बानियाँ दी हैं l आज उन सभी वीर सपूतों को हम नमन करते हैं जो आजादी के लिए शहीद हो गए l वीर भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सुभाष चन्द्र बोस, लाला लाजपत राय, खुदीराम बोस जैसे सैकड़ों सपूतों ने आजादी के लिए लड़ते-लड़ते शहीदी दी है l हम उन्हें ह्रदय से नमन करते हैं तथा उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं l

आज के दिन हम उन सच्चे मातृभूमि के सपूतों को भी याद करते हैं और नमन करते हैं जिन्होंने राजनीतिक रूप से अपना तन मन धन देश की आजादी के लिए समर्पित कर दिया l महात्मा गाँधी, जवाहरलाल नेहरु, डॉ राजेंद्र प्रसाद, सरदार वल्लभभाई पटेल आदि नेतृत्वकर्ताओं ने अपना जीवन देश की आजादी के लिए खपा दिया l आज हम उन्हें सच्चे दिल से नमन करते हैं l

आज का यह दिन उन वीर सपूतों को भी समर्पित है जो आजादी के बाद हमारे देश की सीमाओं पर देश की संप्रभुता की रक्षा हेतु शहीद हो गए l वर्तमान में, देश की सीमाओं पर तैनात उन वीर सपूतों को भी सैल्यूट करते हैं जो दिन रात हमारी रक्षा हेतु तैनात हैं l साथ ही उन सपूतों के मताओं को भी प्रणाम करते हैं जिन्होंने ऐसे वीर पैदा किये हैं l

15 अगस्त आजादी का दिन है l एक ऐसी आजादी जिसकी कल्पना पूर्वजों ने की थी l लेकिन क्या सच में हम पूर्ण रूप से आजाद हैं? यह एक बड़ा सवाल है l आजादी के इतने साल बीतने के बाद भी अशिक्षा, गरीबी, बेरोजगारी, बाल मजदूरी, मानव व्यापार, देह व्यापार, भ्रष्टाचार और बेईमानी से हमें आजादी नहीं मिली है l आज जब हम अपने तिरंगे को लहराते हुए देखते हैं तो हमारा सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है l लेकिन इसी तिरंगे के नीचे आज मैं कसम खाता हूँ कि पढ़-लिखकर एक सच्चा और ईमानदार नागरिक बनूँगा l देश सेवा में सदैव समर्पित रहूँगा l जिऊंगा तो देश के लिए, मरूँगा भी तो देश के लिए l

अंत में मैं कहना चाहता हूँ कि–
“मेरी जज्बातों से इस कदर वाकिफ है मेरी कलम,
मैं इश्क भी लिखना चाहूँ तो इन्कलाब लिखा जाता हैl”

जय हिन्द, जय भारत l वन्दे मातरम् l

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सम्माननीय मुख्य अतिथि, उपस्थित शिक्षकवृन्द, अभिभावकगण एवं हमारे प्रिय छात्र-छात्राएँ l अपार हर्ष की बात है कि आज हम आसमान में लहराते तिरंगे के नीचे खड़े होकर अपनी आजादी का जश्न मना रहे हैं l देश भक्ति में डूबे हुए हैं l लहराते तिरंगे की तरह हमारा सीना भी गर्व से चौड़ा हो चूका है l आजादी का यह अहसास जो हम सभी को है इसके पीछे अत्यंत ही मार्मिक और दर्दनाक इतिहास छिपा हुआ है l एक ऐसा इतिहास जिसे याद कर हमारा खून खौल उठता है l एक ऐसा इतिहास जिसे याद कर हम जोश और जज्बे से भर जाते हैं l

प्रिय बच्चों, आप जानते हैं कि हमारा देश 200 सालों तक अंग्रजों के गुलाम रहा l इस बीच अंग्रेजों ने हमारे पूर्वजों को कैसी यातनाएँ दी, उन्हें कितनी पीड़ा सहन करना पड़ा, यह सब याद कर हमारी आँखें भर आती हैं l लेकिन हमारे कुछ वीर सपूतों ने यह पीड़ा सहने से इंकार कर दिया और अंग्रेजों के खिलाफ जंग का बिगुल फूंक दिया l

अंग्रेजों के खिलाफ जंग की शुरुआत 1857 ई० में हो चूका था l हालाँकि अंग्रेजों ने उन्हें बड़ी आसानी से कुचल दिया l लेकिन जंग की वह चिंगारी सुलगती रही और बाद में एक के बाद एक ऐसे-ऐसे सपूत पैदा हुए, जिन्होंने अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए l मंगल पांडे, चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, सुभाष चन्द्र बोस ऐसे ही सपूत हुए जिन्होंने आजादी के लिए अपने प्राण गवां दिए l दूसरी तरफ महात्मा गाँधी, पंडित जवाहरलाल नेहरु, सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे नेतृत्वकर्ता भी हुए जिन्होंने आन्दोलन को सही दिशा देकर अंग्रेजो को भारत छोड़ने पर मजबूर कर दिया l और अंततः 15 अगस्त 1947 को हमारा देश आजाद हो गया l

जब हमारा देश आजाद हुआ तो हमने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को स्थापित किया l डॉ भीमराव अम्बेडकर की अगुवाई में हमारे देश का अपना संविधान बना जो 26 जनवरी 1950 को लागु हुआ l आजाद भारत में हमारे संविधान ने हमें कई प्रकार के अधिकार प्रदान किये l साथ ही हमें हमारे कर्तव्यों का भी बोध कराया l लेकिन कालांतर में हमारे राजनेताओं की निरंकुशता और एवं स्वार्थसिद्धि की निति ने आजादी के इतने साल बीत जाने के बाद भी हमें अलग तरह से गुलाम बना दिया l कई उदहारण हैं जो यह साबित करता है कि देश अंग्रेजों से आजाद तो हो गया लेकिन देश में अभी भी कई अन्य प्रकार की गुलामी का दंश मौजूद है l जैसे-

अशिक्षा: देश में साक्षरता दर अभी भी 74.04 प्रतिशत ही है, हालाँकि यह 2011 की जनगणना रिपोर्ट है l कुछ राज्यों की स्थिति तो साक्षरता के मामले में बहुत सही नहीं है l अगर यही हाल रहा तो अशिक्षा जैसी गुलामी से मुक्त होने में हमें 50 साल और लग जायेंगे l हालाँकि अब सरकार ने समग्र शिक्षा अभियान चलाया है तथा नयी शिक्षा निति 2019 लागु करने जा रही है जो शिक्षा को जरुर गति प्रदान करेगा l समाज का भी दायित्व है कि आगे बढ़कर शिक्षा को जन आन्दोलन का रूप दें l खासकर बेटियों की शिक्षा के लिए उन्हें आगे आना होगा l सरकार ने “बेटी बचाओ, बेटी पढाओ” अभियान भी चलाया है जिसका मकसद ही है बेटियों की अस्तित्व की रक्षा, उनकी शिक्षा और सुरक्षा को सुदृढ़ करना l लेकिन यह सब आप सभी की भागीदारी से ही संभव हो सकता है l

गरीबी: आजादी के बाद से ही भारत गरीबी से जूझता रहा है l सरकारी आंकड़ों की मानें, तो भारत में अभी भी 37 प्रतिशत आबादी गरीबी रेखा से नीचे है l इसके पीछे अशिक्षा एक मुख्य वजह है l हालाँकि देश में गरीबों की संख्या लगातार कम हो रहा है फिर भी इसमें काफी समय लगने वाला है l हाल के दिनों में कई प्रधानमंत्री योजनाओं के जरिये इसे कम करने का लगातार प्रयास जारी है l

असमानता: हमारा संविधान समानता की वकालत करता है, लेकिन कई क्षेत्रों में असमानता की खाई काफी बड़ी है l लैंगिक असामनता इसका सबसे मुख्य उदहारण है l 2011 की जनसंख्या के हिसाब से देश में 1000 लड़कों पर लड़कियों की संख्या मात्र 918 है जो अत्यंत सोचनीय है l श्रम के क्षेत्र में भी लैंगिक विषमता बहुत ज्यादा है l श्रमशक्ति में महिलाओं का मात्र 29 प्रतिशत भागीदारी है l उनमें भी आधे से अधिक अवैतनिक है या खेती से जुड़े कार्य ही करती है l 60 प्रतिशत महिलाओं के नाम से कोई मूल्यवान परिसंपति नहीं है l कुछ साल पहले तक तो बैंकों में उनके नाम से न के बराबर खाता था l ये तो शुक्र है जनधन योजना का जिसकी बदौलत आज ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं भी बैंकों से जुड़ चुकी है l

दूसरी बात यह भी कि महिलाएं पहले से ज्यादा यौन हिंसा के शिकार हो रही है l आजाद भारत का यह कैसा दृश्य है कि महिलाएं स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर सकती, स्वतंत्र रूप से घूम नहीं सकती, स्वतंत्र रूप से अपने विचार व्यक्त नहीं कर सकती ! अगर सही मायने में हम 15 अगस्त जैसे महापर्व को और सार्थक बना सकते हैं तो उसके लिए हमें महिलाओं को भी बराबर दृष्टिकोण से देखना होगा l उन्हें वो सारे अधिकार और स्वतंत्रता देनी होगी जो पुरुषों को प्राप्त है l

एक और मुद्दा जो देश में अभी जन आन्दोलन बना हुआ है वह है स्वछता l आखिर ऐसा क्यों हुआ कि इसे एक जन-आन्दोलन का रूप देना पड़ा l वजह साफ है l हम आज तक इतनी गन्दगी और कचड़ा फैलाते रहे हैं कि हमने हमारा पर्यावरण की कोई चिंता नहीं की l हम इतने स्वतंत्र हो गए कि गन्दगी फ़ैलाने में किसी ने किसी को रोका-रोका तक नहीं l 15 अगस्त को हम तिरंगा फहरा कर औपचारिकता पूरी कर लेना ही देश भक्ति समझते हैं l लेकिन, आपको समझना होगा कि देश भक्ति आपके हर कर्म और कर्तव्य में समाहित होना चाहिए l

कहने को तो बहुत कुछ है l लोग 15 अगस्त पर भाषण भी खूब देते हैं l लेकिन मेरा बोलने का मकसद सिर्फ यह नहीं है कि बोलकर हम अपनी औपचारिकता पूरी कर लें l हमारा मकसद है कि आप जागरुक बनें, समझदार बनें, स्वच्छ रहें, स्वस्थ रहें, शिक्षित बनें l समाज से गरीबी को दूर करने, समाज में एकरूपता लाने, बेटियों को आजादी देने और देश को मजबूत करने के लिए आप जो कुछ भी कर सकते हैं करें l अपने लोकतंत्र को बचाए l उन्हें और मजबूत करें l

इतना याद रखें, सबकुछ सरकार के भरोसे मत छोड़ दें l सरकार आती है और जाती है लेकिन आप जो सरकार बनाते हैं उसपर हमेशा दवाब बना कर रखें l वोट देने की आजादी आपको है लेकिन सरकार को यूँ ही आजाद न छोड़ दें l जिस काम के लिए उसे आप वोट देते हैं उसे पूरा करने का लगातार दवाब बनाते रहे l तभी जन हित और देश हित में सरकार भी काम करेगी l वर्ना लोकतंत्र के नाम पर आप यूँ ही इस्तेमाल किये जाते रहेंगे l अंत में मैं आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें देता हूँ l

जय हिन्द, जय भारत l भारत माता की जय l वंदेमातरम् l 

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दोस्तों, हमें लगता है कि हिंदी में 15 अगस्त पर भाषण जो हमने लिखा है वह आज के परिप्रेक्ष्य में सटीक है l बोलने को और लिखने को तो बहुत कुछ है लेकिन भाषण संक्षिप्त और सारगर्भित रहे यही अच्छा है l स्वतंत्रता दिवस पर भाषण 2019 के अंतर्गत यह भाषण आपको कैसा लगा हमें कमेंट जरुर करिए l साथ ही 15 August speech in hindi से संबंधित कोई टॉपिक आप अपने भाषण में जोड़ना चाहते हैं तो वह भी नीचे लिख डालिए ताकि आपके सहयोग से यह best speech on independence day in hindi बन सके l

हमें ख़ुशी होगी अगर आप इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करेंगे l साथ ही और भी ख़ुशी होगी जब आपको कहीं मौका मिले दो शब्द बोलने का और आप हमारे इस 15 August par bhashan को अपने शब्द में शामिल करेंगे l धन्यवाद l

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