NIOS 507 ASSIGNMENT IN HINDI-ASSIGNMENT-2 QUESTION- 2

NIOS 507 ASSIGNMENT IN HINDI-ASSIGNMENT-2 QUESTION- 2, NIOS DELED ASSIGNMENT 506 507 508 IN HINDI, NIOS DELED ASSIGNMENT 507 PDF.

NIOS 507 ASSIGNMENT IN HINDI-ASSIGNMENT-2 QUESTION- 2 - Describe the role of various educational agencies (Government and Non government). How do you interact with them for betterment of your school? Explain with examples.

प्रश्न - 2. विभिन्न शैक्षिक संस्थाओं की भूमिका की चर्चा कीजिए l विभिन्न विद्यालय को बेहतर बनाने के लिए आप इन संस्थाओं के साथ किस प्रकार अंतर्क्रिया करते हैं l उदहारण सहित व्यख्या कीजिए l


507 ASSIGNMENT- 2 QUESTION- 2
उत्तर- शैक्षिक तंत्र में विभिन्न सरकारी तथा गैर सरकारी शैक्षिक एजेंसियाँ है जो सशक्त हैं तथा जो विद्यालयों के कार्यों को सुधारते हैं l कुछ प्रमुख शैक्षिक एजेंसियाँ और उनकी भूमिका निम्नलिखित हैं –


1. NCERT :- इसका पूरा नाम “राष्ट्रीय शैक्षिक शोध एवं प्रशिक्षण परिषद्” है l इसकी स्थापना भारत सरकार द्वारा 1961 ई० में एक स्वायत संगठन के रूप में हुआ जो विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार को नीतियों एवं कार्यक्रमों पर सहायता एवं सलाह देती है l इसके मुख्य उद्देश्य है –

(a) संसाधन सामग्रियों को तैयार करना एवं प्रकाशित करना जैसे – पाठ्यपुस्तकें, विद्यालयों एवं शिक्षकों के लिए पत्रिकाएँ l 
(b) नए एवं अभिनव शिक्षण तकनीकों एवं अभ्यासों को विकसित करना l 
(c) शिक्षकों के प्रशिक्षण पर पाठ्यक्रमों का आयोजन करना l
2. NCTE :- “अध्यापक शिक्षा के लिए राष्ट्रीय परिषद्” की स्थापना 1973 ई० में केंद्र एवं राज्य सरकारों के लिए अध्यापक शिक्षा से संबंधित सभी मुद्दों पर एक सलाहकार निकाय के रूप में स्थापित किया गया था l इसकी भूमिका निम्नलिखित हैं –

(a) अध्यापक शिक्षा प्रणाली का नियोजित एवं समन्वित विकास प्राप्त करने के माध्यम से – अंत सेवी प्रशिक्षण कार्यक्रमों की पाठ्यचर्या योजना करना, प्रशिक्षण कार्यक्रमों के निरीक्षण करना तथा अध्यापक शिक्षा में नवीन पहलों को करना l 
(b) अध्यापक शिक्षा प्रणाली में नियमों एवं मानकों का नियंत्रण एवं उचित रख-रखाव l 
(c) व्यक्तियों को विद्यालयों में पूर्व प्राथमिक, प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्तरों पर पढ़ाने के लिए उन्हें सुसज्जित करने के लिए शोध एवं प्रशिक्षण तथा गैर औपचारिक शिक्षा, अंशकालिक शिक्षा, व्यस्क शिक्षा एवं दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रमों में पढ़ाने के लिए उन्हें सुसज्जित करना l
3. NCPCR :- “बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय आयोग” की स्थापना बाल अधिकारों की सुरक्षा कानून, 2005 के अंतर्गत 2007 में किया गया था l शिक्षा के अधिकार कानून के अंतर्गत NCPCR की भूमिका निम्नलिखित है – 

(a) बच्चों की शिक्षा के अधिकार का निरीक्षण करना l 
(b) मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा के बच्चों के अधिकार से संबंधित शिकायतों की जाँच करना l 
(c) विशेष देखभाल व सुरक्षा की जरुरत वाले बच्चों के साथ-साथ विपत्ति वाले बच्चों, हाशिये पर रखें एवं असहाय बच्चों, कानून द्वारा विवादित बच्चों, किशोरों, बिना परिवार वाले बच्चों एवं कैदियों के बच्चों से संबंधित मुद्दों पर शैक्षिक कार्यक्रमों को कार्यान्वित करने वाली शिक्षा एजेंसियों एवं अन्य सहभागियों को सलाह देना l 
(d) विद्यालयों द्वारा कार्यान्वित होने वाले मानकों एवं नियमों की सिफारिश करना जैसे भेदभाव रोकना, शारीरिक दण्ड रोकना तथा विद्यालय में किसी बच्चे के मानसिक उत्पीड़न को रोकना l
4. SCERT :- “शैक्षिक शोध एवं प्रशिक्षण की राज्य परिषद्” का मुख्य कार्य विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार लाना है l SCERT की मुख्य भूमिका हैं –

(a) शिक्षकों, प्रशासकों एवं शिक्षक प्रशिक्षकों के लिए अंतः सेवी प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करना l 
(b) नई शिक्षण तकनीकों एवं शिक्षण विधियों को कार्यान्वित करना l 
(c) विविध एजेंसियों जैसे NCERT, NIEPA, DIET के साथ समन्वय करना l 
(d) विविध प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए शिक्षण-अधिगम सामग्री विकसित करना ताकि यह मुद्रित हो l
5. DIET :- “जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान” की भूमिका निम्नलिखित हैं – 
(a) सार्वभौमिकरण को प्रोन्नत करना एवं सेवा पूर्व व अन्तःसेवी शिक्षा के माध्यम से प्रशिक्षण एवं अनुकूलन प्रदान कर प्रारंभिक और व्यस्क शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाना l 
(b) जिला में प्रारंभिक एवं एवं व्यस्क शिक्षा प्रणाली को शैक्षिक एवं संसाधन की सहायता प्रदान करना l 
(c) प्रारंभिक एवं एवं व्यस्क शिक्षा के क्षेत्रों में उद्देश्यों को प्राप्त करने में जिला की विशिष्ट समस्याओं के साथ लड़ने के लिए कार्य आधारित शोध करना l
6. NGO :- स्वैक्षिक एजेंसियों / NGOs शिक्षा के प्रसार में सार्थक भूमिका निभा रहे हैं जो निम्नलिखित हैं –
(a) विद्यालय प्रबंधन समितियों (SMCs) एवं पंचायती राज संस्थाओं के क्षमता निर्माण एवं नियमित प्रशिक्षण l 
(b) विद्यालयों में बच्चों के धारण और नामांकन को बढ़ाने के लिए समाज एवं समुदाय को गतिशील करना, विशेष रूप से लड़कियों, अल्पसंख्यकों तथा समाज के कमजोर एवं अशक्त खण्डों के बच्चों के l 
(c) कार्यक्रमों का कार्यान्वयन जैसे – शिक्षा गारंटी योजना, वैकल्पिक शिक्षा, उपचारी शिक्षा, गैर-आवासीय ब्रिज कोर्स तथा आवासीय ब्रिज कोर्स l 
(d) समुदायों एवं विद्यालयों में बच्चों के बीच स्वास्थ्य, सफाई एवं स्वछता कार्यक्रमों को प्रोन्नत करना l 
(e) अशक्त बच्चों, विशेष जरुरत वाले बच्चों की एकीकृत शिक्षा को सुसाध्य करने में विशिष्ट सहायता प्रदान करना l
विद्यालय को बेहतर बनाने के लिए शैक्षिक संस्थाओं के साथ अंतर्क्रिया :-
1. वार्षिक कार्य योजना एवं बजट का सृजन :- विद्यालय विकास योजना या विद्यालय क्षेत्र में आने वाली अन्य सूक्ष्म योजनाओं को सृजित कर सक्षम एजेंसियों को उपलब्ध कराया जाता है l योजना कोर टीम द्वारा आगे ले जायी जाती है जिसमें प्रधानाध्यापक, चयनित शिक्षक और अभिभावक तथा NGO के प्रतिनिधि होते हैं l
2. अनुदानों की प्राप्ति :- हमारा विद्यालय SSA से विभिन्न अनुदान प्राप्त करता है जैसे- विद्यालय विकास अनुदान, शिक्षक अनुदान, पुस्तक अनुदान इत्यादि l
3. विद्यालय का निरीक्षण एवं समर्थन :- BRC और CRC के कर्मचारी नियमित रूप से हमारे विद्यालय का निरीक्षण करते हैं और हम उन्हें इस काम में पूरा सहयोग करते हैं l ये कर्मचारी भी शिक्षकों को पाठ्यगामी समर्थन प्रदान करते हैं l TLM विकसित करने में भी हमें सहायता करते हैं l
4. DISE डाटा का संग्रहण एवं उपयोग :- डाटा संग्रहण फॉर्म भरना प्रत्येक विद्यालय के लिए एक निर्णायक गतिविधि है जो DISE का डाटा प्रदान करता है l हमारे विद्यालयों से संगृहित डाटा BRC कार्यालय को सौप दिया जाता है जो आगे EMIS प्रभारी या DPEP परियोजना समन्वयक को सौंप देता है l

5. भर्ती और प्रशिक्षण :- विद्यालयों में शिक्षकों को नियमित प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है l इसके लिए NCTE विशेष रूप से अधिकृत संस्था है l DIET भी सेवा पूर्व व सेवा कालीन प्रशिक्षण देता है l BRC एवं CRC में समन्वयक अन्तःसेवी प्रशिक्षण तथा विद्यालयों को सहायता प्रदान करते हैं l
इस प्रकार से हम अपने विद्यालय को बेहतर बनाने के लिए इन शैक्षिक एजेंसियों के साथ अंतर्क्रिया करते हैं l 

Share This Article

Add Comments


EmoticonEmoticon