Deled Course 508 Assignment 2 Question 2 with Answer in Hindi

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Nios 508 Assignment in Hindi- Assignment 2 Question 2 Answer

Q. 2. कार्य शिक्षा से संबंधित क्रियाकलापों में विद्यार्थियों का समूहिकरण व समय निर्धारण एक सशक्त भूमिका रखते हैं l इस कथन को स्पष्ट करें l 
Explain the following statement “Timing and grouping of students plays a vital role in effective implementation of Work Education activity.”
Deled Course 508 Assignment 2 Question 2 with Answer in Hindi
उत्तर - कार्य शिक्षा से संबंधित क्रियाकलापों में विद्यार्थियों का समूहीकरण :-
कार्य शिक्षा से संबंधित अधिकांश क्रियाकलापों की प्रकृति मुख्यतः इस प्रकार की होती है कि उन्हें यदि समूह में करवाया जाये तो बेहतर परिणामों की प्राप्ति संभव है l दृष्टिकोण निर्माण संबंधित गुण, मूल्य व कौशल और कुछ अन्य सामाजिक मूल्य जैसे एक दूसरे के प्रति व परिवेश के प्रति संवेदनशीलता, परानुभूति, सहयोग, अन्तः निर्भरता के प्रति समझ, प्रकृति प्रेम, सौन्दर्यानुभूति, श्रम का महत्त्व, नियमितता आदि समूह में कार्य करने से अधिक मुखरित रूप से विकसित होते हैं l समूहों में काम करने से एक “सांझी संस्कृति” का माहौल भी विकसित होता है l
अतः जब वे समूहों में कार्य करते हैं तब उनमें निम्नलिखित सकारात्मक चीजों का विकास होता है –
उनके अधिगम प्रक्रिया द्वारा प्राप्त आनंद की अनुभूति में सकारात्मक वृद्धि होती है,
वे समूह भावना का विकास करते हैं,
वे एक-दूसरे से सीखने और सिखाने का कौशल करते हैं,
सहयोग, नेतृत्व जैसे गुणों का स्वतः विकास होता है l
उपरोक्त सकारात्मक पक्ष तभी उभर सकते हैं जब योजनाबद्ध तरीके से विद्यार्थियों का समूह निर्माण किया जाए l समूह निर्माण हेतु कुछ खास बिन्दुओं को ध्यान में रखना चाहिए –
क्रियाकलाप विशेष के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए एकल कक्षा समूह या बहु कक्षा समूह का निर्माण किया जाना चाहिए l 
सहशिक्षा होने पर मिला जुला समूह बनाया जाए l 
शारीरिक चुनौती वाले बच्चों का पृथक समूह न बनाकर उन्हें और बच्चों के समूहों के साथ जोड़ना चाहिए तथा यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि उन्हें कोई अर्थपूर्ण भूमिका व उत्तरदायित्व दिया जाए l 
मेधावी बच्चों और मंद गति से सीखने वाले बच्चों का अलग-अलग समूह नहीं बनाकर उनका मिला जुला समूह बनाया जाना चाहिए l और यह भी ध्यान रखना चाहिए कि मेधावी बच्चे अन्य बच्चों को दबाये नहीं l कहने का मतलब है कि समूहों में प्रजातान्त्रिक माहौल बने l
यह आवश्यक नहीं है कि एक क्रियाकलाप विशेष के लिए बनाये गए समूह स्थायी ही रहेंगे l इन समूहों का समय-समय पर पुनर्गठन भी होना चाहिए l समूह परिवर्तन के लिए निम्न आधारों पर विचार किया जाना चाहिए-
पिछले समूहों की कार्यप्रणाली,
नई परिस्थितियाँ,
क्रियाकलाप की प्रकृति में बदलाव,
नवाचार का उपयोग 
विद्यार्थियों के पूर्व निर्मित समूहों में परिवर्तन करने से एक शिक्षक की जिम्मेदारी बढ़ जाती है परन्तु इससे उनके विषय के प्रति सजगता व ईमानदारी भी झलकता है l
कार्य शिक्षा से संबंधित क्रियाकलापों में समय निर्धारण :-
समय के संबंध में महत्वपूर्ण दृष्टिकोण है – कौन सा क्रिया कलाप सत्र / वर्ष के किस ‘समय’ करना है l इस बिंदु का निर्धारण कार्यकलाप की प्रकृति, विद्यालय व समुदाय की आवश्यकता पर निर्भर करेगा l
कार्य शिक्षा के अंतर्गत गतिविधि की प्रकृति, उद्देश्य और उसके आधार पर प्राप्त होने वाले अपेक्षित परिणामों की प्रकृति के आधार पर प्रत्येक गतिविधि का समय निर्धारित किया जा सकता है l यह आवश्यक नहीं है कि प्रत्येक गतिविधि के समस्त सोपान विद्यालय में ही सम्पन्न करवाए जाएँ l कुछ ऐसे भी क्रिया-कलाप हो सकते हैं जिनका प्रथम सोपान विद्यालय में अध्यापक के प्रदर्शन से आरंभ हो, तत्पश्चात विद्यार्थी घर, समुदाय में जाकर अपनी-अपनी सुविधानुसार उस प्रक्रिया का अनुभव करें l
कार्य शिक्षा से संबंधित क्रियाकलापों में समय निर्धारण निम्नलिखित तरीके से किया जा सकता है – 
1. नामांकन सत्र के समय विद्यालय के पोषक क्षेत्र में विद्यालय के दाखिले संबंधी नियमों की जानकारी व्यक्तिगत संपर्क द्वारा, डुगडुगी पिटवाकर, माता-पिता की नुक्कड़ बैठक कर आमंत्रित कर दी जा सकती है l 
2. प्रवेश के समय विद्यालय में अभिभावकों के बैठने का प्रबंध, पेयजल की व्यवस्था, फॉर्म भरने में सहयोग आदि कार्य बच्चों के कार्य शिक्षा से संबंधित हो सकते हैं l 
3. ग्रीष्मावकाश के समय मौसम को देखते हुए बच्चों को कार्य दिए जा सकते हैं l जैसे- बीजों का संग्रह, पत्तियों का संग्रह, आम की गुठली से पपीहा बनाना, आम की किस्में जानना, अवकाश के किसी भी दस दिन की डायरी लिखना आदि कई क्रियाकलाप घर पर करने को दिए जा सकते हैं l 
4. ग्रीष्मावकाश के पश्चात् जुलाई महीने में जब विद्यालय खुलता है तब मौसम व विद्यालय की गतिविधि को ध्यान में रखते हुए क्रियाकलाप निर्धारित किया जा सकता है l जैसे – उस समय भी नए विद्यार्थी प्रवेश ले रहे होते हैं, उन सभी के स्वागत को अनौपचारिक रूप दिया जा सकता है l 
5. जुलाई माह में आमतौर पर बारिशें होती है l इस कारण कृषि संबंधित क्रियाकलाप भी हो सकते हैं l 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस होता है l इस दिन जागरूकता रैली, प्रभात फेरी, नुक्कड़ नाटक व सभाओं का आयोजन किया जा सकता है l जनसंख्या संबंधी नारे लिखवाना भी कार्य शिक्षा क्रियाकलाप हो सकता है l 
6. अगस्त माह स्थानीय व राष्ट्रीय पर्वों का माह होता है l पर्वों की प्रकृति के अनुसार राखी बनाना, झंडे बनाना, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन आदि क्रिया कलाप किया जा सकता है l
7. फिर आगे के माह में शरद ऋतू का आगमन होते ही ऊनी कपड़ों का निर्माण जैसे स्वेटर, चादर, गलावन आदि क्रिया कलाप भी कार्य शिक्षा का बेहतरीन उदहारण हैं l
उपरोक्त सभी क्रियाकलाप यह साबित करता है कि कार्य शिक्षा में समय का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान हैं l और, उपरोक्त क्रियाकलाप के उदाहरणों से स्पष्ट है कि कौन सा क्रियाकलाप सत्र या वर्ष के किस समय करना है यह क्रियाकलाप की प्रकृति और समय पर ही निर्भर करता है l अतः स्पष्ट है कि कार्य शिक्षा संबंधित क्रियाकलापों में विद्यार्थियों का समूहीकरण व समय निर्धारण एक सशक्त भूमिका रखते हैं l 
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