Deled Course 508 Assignment 1 question 2 with Answer in Hindi

Chandan 11:59 pm
Deled Course 508 Assignment 1 question 2 with Answer in Hindi, कोर्स 508 के अंतर्गत असाइनमेंट-1 का प्रश्न 2 का यूनिक उत्तर इस पोस्ट में देखें l

 Deled Course 508 Assignment 1 question 2 with Answer in Hindi

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Nios Deled Assignment 508 in Hindi- Assignment- 1 Question- 2 Answer

Q. 2. “निष्पादन कला क्रियाकलापों को प्रभावी बनाने के लिए योजना व तैयारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं” – इस कथन पर विवेचना कीजिए l 
“Planning and preparation for performing Art activities is essential for its successful implementation” Discuss on this statement. 
Deled Course 508 Assignment 1 question 2 with Answer in Hindi
उत्तर - एक विषय के आयोजन में योजना और तैयारी एक सार्थक भूमिका निभाता है l एक विषय की सफलता को सुनिश्चित करने के लिए यह एक महत्वपूर्ण उपकरण हैं l एक अच्छी प्रारूपित योजना और तैयारी जीतने की स्थिति में परिणित हो जाती है l योजना का प्रभावी कार्यान्वयन सम्पूर्ण प्रक्रिया में एक महत्पूर्ण भूमिका निभाता है l किसी भी निष्पादन कला क्रियाकलापों को प्रभावी बनाने में योजना एवं तैयारी की निम्नलिखित भूमिका हैं –
योजना :-
1. प्रसंग का चुनाव विषय के अनुरूप होना चाहिए l कला रूपों का चुनाव करते समय हमें विषय के लक्ष्य एवं उद्देश्य के प्रति जागरूक होना चाहिये l यह अवसर की जरुरत से सह संबंधित होना चाहिए l 
2. कला रूप की सूचना प्रमाणिक होने के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण हैं जो कि विभिन्न संसाधनों से एकत्रित की जा सकती है l सूचना एकत्र करने और देने की इस प्रक्रिया में अभिभावक, समुदाय, पुस्तकें, इन्टरनेट, अन्य क्षेत्रों के लोग, विद्यार्थी आदि को सम्मिलित किया जा सकता है l विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा अन्वेषण हो सकता है जो कि उन्हें एक जीवन पर्यन्त अधिगम अनुभव देगा l 
3. यह मस्तिष्क में रखना चाहिए कि निष्पादन किसके लिए प्रायोजित हो रहा है l कला रूपों का चुनाव करते समय दर्शकों के दृष्टिकोण और गुणवत्ता को मस्तिष्क में रखना होता है l 
4. नियमित विद्यालय पाठ्यचर्या में स्थान की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए तिथि एवं समय का निर्धारण होता है l विद्यालय कार्यक्रम जैसे परीक्षा, छुट्टियों को जानना अनिवार्य है l 
5. विषय की स्थिति, मंच या परिवेश के स्थान का निर्णय कोष की उपलब्धता, पहुँचने में आसानी, दर्शक के लिए स्थान (उत्सव, वार्षिकोत्सव आदि), विषय का स्तर (विद्यालय स्तर, अंतर्विद्यालय स्तर, राज्य स्तर तक) के आधार पर होता है l 
6. विषय के आयोजन में विभिन्न मदों के अंतर्गत कोष का आवंटन और वितरण एक निर्णायक भूमिका अदा करता है l 
7. विद्यालय में भागीदारी अधिकतम होनी चाहिये क्योंकि सम्मिलन प्रत्येक बच्चा को उत्प्रेरित करता है l कक्षाकक्ष, प्रेक्षागृह, समुदाय भवन आदि सभी समय उपयोग में लाये जा सकते हैं l निष्पादन के लिए समूहों में योजना और समायोजन ऐसे विषयों में सहायता करता है l प्रतियोगी निर्देशकों द्वारा स्थान और समय सभी परिकलित किये जाते हैं l 
8. निष्पादन के लिए प्रयुक्त संगीत, कथालेखन और वाद्ययंत्रों को ऐसा होना चाहिए जो निष्पादन की जरूरतों को परिपूर्ण करता हो साथ-ही-साथ कला की प्रमाणिकता को बनाये रखता हो l 
9. निष्पादन के लिए वस्त्र और आभूषणों के चुनाव और निर्धारण में यह बहुत महत्वपूर्ण हैं l 
10. कार्य के विभाजन और कर्तव्यों के हस्तांतरण को कार्यक्रम में विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों की अधिकतम भागीदारी को स्वीकृत करना चाहिए l विभिन्न क्षेत्रों में अधिक अन्वेषण और उनकी क्षमताओं के प्रदर्शन के लिए इसे उन्हें एक प्लेटफार्म भी देना चाहिए l
तैयारी :-
1. एक निष्पादन की तैयारी के लिए कार्य के विभिन्न स्तरों पर एक पूर्ण जागरूक टीम का होना महत्वपूर्ण हैं l 
2. विद्यार्थियों का ध्वनि-परीक्षण और चयन निष्पादन की जरुरत के अनुसार होना चाहिए l 
3. नियमित विद्यालय पर्यावरण को बाधित किये बगैर कथा, गीत, संगीत, कठपुतली जैसे संवाद प्रेषण, आवाज अनुकूलन, शारीरिक गति संचालनों, मुद्राओं आदि के पूर्वाभ्यास के लिए समय का उचित प्रावधान और आवंटन होना चाहिए l ऐसे कार्यक्रमों में समय का व्यवस्थापन अपेक्षित है l ऐसे केसों में सत्र की शुरुआत से पहले, अग्रिम तैयारी लाभदायक सिद्ध होती है l 
4. मंच की बनावट विभिन्न निष्पादनों में प्रतिभागियों की संख्या के अनुसार होनी चाहिए l सीढ़ियों का प्रावधान मंच के दोनों किनारों पर होना चाहिए l मंच के पीछे उचित स्थान होना चाहिए ताकि प्रतिभागी आसानी से अपना स्थान ले सकें l 
5. मंच का विन्यास, दर्शकों और निष्पादनकर्ताओं के बीच दृष्टि संयोजन का विस्तार देने वाला होना चाहिए l 
6. ध्वनि-प्रणाली की व्यवस्था निष्पादन की जरूरतों जैसे बेतार माइक्रोफोन, मंच का माइक आदि के अनुसार होना चाहिए l 
7. मंच की प्रकाश व्यवस्था निष्पादनों की जरुरत के अनुसार व्यवस्थित होनी चाहिए l कला रूप के अनुसार मंच सज्जा और प्रदर्शन अग्रिम में स्थायी और प्राकृतिक कच्चे माल के प्रयोग से होना चाहिए l 
8. वस्त्र, आभूषण और सजावट स्वनिर्मित, किराये पर या विद्यालय में पहले से उपलब्ध हो सकती है वस्त्र मौसम को ध्यान में रखते हुए प्रतिभागियों को सुरक्षा और आराम देनेवाला होना चाहिए l गुणवत्ता जांच के पश्चात् ही मेकअप किया जाना चाहिए l इस क्षेत्र में कोई समझौता नहीं करना चाहिए l शिक्षक को प्रतिभागियों को स्वयं उनके मेकअप किट लाने को कहना चाहिए l 
9. कला रूप की जरुरत के हिसाब से उपकरण अग्रिम में तैयार होने चाहिए l ये गृहनिर्मित, विद्यार्थियों और शिक्षकों की एक टीम द्वारा विद्यालय में निर्मित, यदि आवश्यक हो तो बाहर से लाया जाना चाहिए या किराये आदि पर ली जा सकती है l कला रूप के लिए उचित पर्यावरण बनाने के लिए पर्याप्त उपकरण होने चाहिए l 
10. कठपुतली के लिए मंच विन्यास कठपुतली के प्रकार जैसे – रस्सी, छाया, दस्ताना आदि के अनुसार होना चाहिए l कठपुतलियाँ स्वनिर्मित हो सकती है या या बनाने के लिए बच्चों के साथ कार्य करने के लिए विशेषज्ञों को बुलाया जा सकता है l हम एक कठपुतली शो में विविध प्रकार की कठपुतलियों का प्रयोग कर सकते हैं l 
11. रंगमंच के लिए कथा को सावधानी से अंतिम रूप दिया जाना चाहिए l सम्पूर्ण नाटक के साथ एक संबंध होने के लिए प्रतिभागियों के पास कथा की एक प्रति होनी चाहिए l 
12. कोष न्यायपूर्ण व्यवस्थित होने चाहिए क्योंकि ऊपर विमर्शित क्रिया की सम्पूर्ण योजना कोष की उपलब्धता पर आधारित है l 
13. कार्यक्रम से एक दिन पहले मंच पर सवेश रिहर्सल होना चाहिए ताकि प्रत्येक चीज को जाँचा और सुधारा जा सके l अंतिम क्षण की परेशानियों से बचने के लिए वस्त्र से संबंधित सभी तैयारियों जैसे- आयरन करना, काट-छांट, किसी भी पहनावे के लिए आभूषण की जांच कर लेना चाहिए l 
14. श्रव्य ध्वनि प्रणाली व्यवस्था, CD, कैसेट्स आदि अग्रिम में जांच लेनी चाहिए l 
15. विद्यार्थियों की चिकित्सिय स्थिति के बारे में जानने के लिए अभिभावकों द्वारा चिकित्सिय स्वीकृति को हस्ताक्षरित एवं संग्रहित कर लेना चाहिए l 
16. पानी, नाश्ता, बैठने एवं शौचालय, आराम घर की उचित व्यवस्था होनी चाहिए l प्रतिभागियों को उनके निष्पादन के समय और संख्या के संबंध में सूचित करने की उचित व्यवस्था होनी चाहिए l शो के समन्वयन के लिए शिक्षकों और विद्यार्थियों की एक टीम को स्वयं सेवा करनी चाहिए l 
17. कार्यक्रम में बिजली की विफलता के कारण उत्पन्न बाधा से बचने के लिए बिजली बैकअप की व्यवस्था आवश्यक है l सुरक्षा मानकों जैसे अग्नि सुरक्षा आदि को अपनाना बहुत महत्वपूर्ण है l
अतः किसी भी कार्यक्रम की सफलता के लिए प्रभावी पर्यवेक्षण के साथ उचित योजना, तैयारी, उत्तरदायित्वों का हस्तांतरण आदि एक कुंजी है जिसके बिना कोई भी कला क्रियाकलाप का निष्पादन सफल नहीं हो सकता है l

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