501 ASSIGNMENT/ सत्रीय कार्य - ll (पहला प्रश्न और उत्तर ) NIOS D.EL.ED. EXAM

Q. विद्यालय में बच्चे की पहुँच एवं ठहराव....

501 ASSIGNMENT/ सत्रीय कार्य - ll (पहला प्रश्न और उत्तर ) NIOS D.EL.ED. EXAM
ANS. आज भी हमारे देश में लाखों बच्चे विद्यालय से बाहर हैं जोकि प्रारंभिक शिक्षा के सार्विकीकरण के लक्ष्य में बहुत बड़ी बाधा है l हालाँकि इनके बहुत से कारण हैं l उन्हीं कारणों को ध्यान में रखते हुए विद्यालय में बच्चे की पहुँच एवं ठहराव हेतु निम्नलिखित उपाय किये जा सकते हैं l 



विद्यालय में बच्चे की पहुँच 
1. शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 को सख्ती से लागु किया जाए l इस अधिनियम के तहत एक किलोमीटर के दायरे में प्राथमिक विद्यालय तथा अधिकतम 3 किलोमीटर के दायरे में उच्च प्राथमिक विद्यालय की स्थापना हर हाल में की जाए l नजदीक में विद्यालय होने के कारण बच्चों की विद्यालय तक पहुँच बढ़ेगी l
2. माता-पिता तथा अभिभावकों को शिक्षा के लाभप्रद उद्देश्य समझाया जाना चाहिए l हम शिक्षकों को अपने विद्यालय में नियमित रूप से अभिभावक गोष्ठी आयोजित करने चाहिए और देश दुनिया में हो रहे शैक्षणिक परिवर्तनों और उनके लाभों को उनके सामने रखना चाहिए l यह कदम निश्चित ही माता –पिता और अभिभावकों में शिक्षा के प्रति सकारात्मक विचार उत्पन्न करेगा l
3. अब हम सभी शिक्षकों को अपने क्षेत्र के एक-एक घर का सर्वेक्षण कर विद्यालय से बाहर के बच्चों का लिस्ट तैयार करना चाहिए और उनके विद्यालय से बाहर रहने के कारणों की खोज उनके माता-पिता से मिलकर करनी चाहिए l
4. विद्यालय से बाहर रहने के कारणों में गरीबी, बेरोजगारी तथा अज्ञानता मुख्य कारण हो सकते हैं l यदि ऐसा है तो हमें उनके माता-पिता को यह समझाना चाहिए कि शिक्षा ही इन सब कारणों का समूल नाश कर सकता है l हमें उन्हें सरकार के द्वारा संचालित कार्यक्रमों जैसे कि छात्रवृति, पोशाक राशि का मिलना, मध्याहन भोजन, उच्च शिक्षा के लिए शैक्षिक ऋण इत्यादि की जानकारी उन्हें देनी चाहिए l यह उनके motivation में उत्प्रेरक का काम करेगा l
5. शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 में यह प्रावधान किया गया है कि प्राथमिक शिक्षा बच्चों का मौलिक अधिकार है और कोई भी माता-पिता उनसे यह अधिकार नहीं छीन सकते l इस प्रावधान की जानकारी उन्हें दिया जाना चाहिये ताकि उनके मन में कानूनन भय भी बना रहे , ताकि निजी कारणों से कोई भी माता-पिता बच्चों से यह अधिकार नहीं छीन पाए l

बच्चों का विद्यालय में ठहराव

उपरोक्त सभी उपाय विद्यालय से बाहर के बच्चों को विद्यालय तक लेकर आने में सक्षम हैं l अब यदि सभी बच्चे विद्यालय में पहुँच जाए तो विद्यालय में उनका बने रहना भी एक चुनौती से कम नहीं है l क्योंकि , ऐसा देखा गया है कि बहुत सारे बच्चे विद्यालय में पूरा दिन नहीं ठहर पाते और सबसे बुरा तो यह है कि वे अपनी प्राथमिक शिक्षा पूरी किये बिना ही विद्यालय से बाहर हो जाते हैं l तो , बच्चों के विद्यालय में ठहराव हेतु निम्नलिखित उपाय किये जा सकते हैं l
1. अध्यापकों को उपयुक्त प्रशिक्षण दिया जाए और उन्हें विशेषतः मानव व्यव्हार संबंधी कौशलों की अनुभूति कराई जाए l
2. अध्यापन में आधुनिक अध्यापन-अधिगम तकनीकों का प्रयोग किया जाना चाहिए ताकि बच्चों को अधिगम रुचिकर लगे l
3. बच्चों को उपयुक्त चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई जाए तथा उनके सही पोषण स्तर को बनाये रखने के लिए मध्याहन भोजन व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए l
4. शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 में निर्धारित प्रोन्नति नीति अपनाई जाए l
5. पाठ्यक्रम को बच्चे की आवश्यकता तथा योग्यता अनुसार रूपांतरित किया जाए l खेलकूद गतिविधि , TLM आदि का अधिकाधिक उपयोग कर अधिगम प्रक्रिया को रोचक बनाया जाए ताकि बच्चों का मन उबे नहीं और वह अगले दिन भी विद्यालय खुलने का बेसब्री से इंतजार करें l

मेरा मानना है कि ये सभी उपर्युक्त तरीके विद्यालय में बच्चे की पहुँच और ठहराव हेतु कारगर सिद्ध होगा और प्राथमिक शिक्षा के लक्ष्य को पाने में मददगार साबित होगा l


NOTE:- NIOS D. EL. ED. से संबंधित विडियो देखने के लिए हमारा YOUTUBE चैनल - http://www.youtube.com/c/TECHCK को SUBSCRIBE करें l 

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