असली हीरा - Short Story in Hindi - Asli Heera

Chandan 4:47 pm
एक बार राजा के दरबार में दूसरे देश से घूमता हुआ एक व्यापारी आया l उसके पास दो हीरे थे l उनमें से एक हीरा असली था और दूसरा उसी का हूबहू नकली था l व्यापारी ने राजा से कहा कि यदि उसके दरबार में कोई ऐसा हो जो इन दोनों में असली हीरे को पहचान कर बता दे तो वह हीरा मैं उसको मैं दे दूंगा l दोनों हीरे बिलकुल एक जैसे थे , दोनों की चमक भी एक जैसे थी l उसमें असली हीरे को पहचानना मुश्किल था l राजा के दरबार की प्रतिष्ठा का सवाल था l इसलिए कोई आगे नहीं आ रहा था l

थोड़ी ही देर में दरबार में खड़ा एक अँधा व्यक्ति आगे आया और उसने कहा कि , महाराज ! मैं बता सकता हूँ कि असली हीरा कौन - सा है ?

उसने दोनों हीरों को हाथ से छुआ और फिर असली हीरे को सामने करते हुए बताया कि असली हीरा यही है l दरबार में उपस्थित सभी लोगों की आँखें व्यापारी पर गई तो उसने स्वीकार किया कि वह सही है l

राजा ने आश्चर्य से उस अंधे व्यक्ति से पूछा कि आँखों से अँधा होने पर भी उसने कैसे असली हीरे को पहचाना ?

तब उसने कहा कि असली हीरा पहचानना बहुत ही आसान था l श्रेष्ठ मनुष्य की तरह असली हीरे पर भी वातावरण की गर्मी का असर नहीं होता l वह हर स्थिति में संतुलित रहता है l महल में गर्मी का वातावरण है l गर्म वातावरण में गर्म होने वाला हीरा नकली था l अतः असली हीरे को पहचानना आसान था l यह सुनकर राजा , व्यापारी और दरबार के सभी लोग अंधे व्यक्ति की समझदारी से प्रभावित हुए l साथ ही असली हीरा उसे दे दिया गया l

अनमोल वचन :- सुन्दरता की शोभा केवल गुणों से होती है यदि किसी प्राणी में गुण नहीं है तो वह बिलकुल ही बेकार होता है l उसका यही हाल होता है जो बंजर धरती का होता है l बंजर धरती को हम इसलिए तो बेकार कहते है कि उसमें कोई फसल पैदा नहीं होती l 

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