हिंदी कहानी: मेहनती सोते नहीं | A Short Story With Moral In Hindi |

Chandan 11:02 pm
Hindi Kahani: मेहनती सोते नहीं | A Short Story With Moral In Hindi | Hindi kahaniya में आज आप पढ़े कहानी "मेहनती सोते नहीं" |

the diligent do not sleep

                             

मेहनती सोते नहीं -A SHORT STORY WITH MORAL IN HINDI

पूना एक गुलाम लड़की थी जो अक्सर अपने मालिक के लिए देर रात तक काम करती रहती थी l एक दिन आधी रात तक काम करने के बाद वह अगले दिन के भोजन के लिए चावल चुनकर सोने जा रही थी l वह काफी थक चुकी थी l वह सोती इससे पहले उसने कुछ मठवासियों को बगल के रास्ते से गुजरते हुए देखा l वे लोग बगल के जंगल से धम्म(प्रवचन) सुनकर अपने मठ वापस लौट रहे थे l पूना सोच रही थी कि वे लोग देर रात तक क्या कर रहे हैं l 

“मैं तो गरीब हूँ , इसलिए देर रात तक कड़ी मेहनत करती हूँ ,” पूना के मन में विचार आया , “ लेकिन इन मठवासियों को ऐसा क्या हो गया कि इतनी रात भटक रहे हैं ?” फिर वह सोची कि शायद उनका कोई बीमार होगा या दुर्घटना हुआ होगा या ऐसा ही कुछ........सोचते हुए वह सो गई l 

अगले सुबह , पूना मालपुआ खाने ही वाली थी जो उसने शेष बचे चावल के आटे से बनायीं थी कि उसने देखा कि महात्मा बुद्ध उसके मालिक के घर के बगल से गुजर रहे हैं l वह हमेशा चाहती थी कि बुद्ध को खाने के लिए बुलाये लेकिन कभी सही मौका नहीं मिलता था l ऐसा मालूम पड़ता है कि जब पूना बढ़ियाँ खाना बनाती थी तब बुद्ध आते ही नहीं थे , और जब खाने को कुछ खास नहीं था तब बुद्ध उधर दिख जाते थे l हालाँकि, आज उसके पास खाने को सिर्फ मोटा मालपुआ था फिर भी वह उसे खिलाना चाहती थी l वास्तव में वह डरी हुई भी थी कि बुद्ध ऐसे अपरिष्कृत भोजन को कभी स्वीकार नहीं करेंगे , फिर भी उसने बुद्ध से पेशकश कर दी l पूना के आश्चर्य और खुशी का ठिकाना नहीं रहा , जब बुद्ध ने उसके मालपुआ को न सिर्फ विनम्रता से स्वीकार किया बल्कि उसके सामने ही एक सही जगह बैठकर खाना शुरू कर दिया l 

बुद्ध के मालपुआ खाने के बाद , पूना उन मठवासियों के बारे में जानने के लिए उत्सुक थी जिनको उसने पिछली देर रात को देखा था l वह बुद्ध से पूछ ही डाली कि वे लोग देर रात तक क्या कर रहे थे l बुद्ध ने जवाब दिया – “पूना , जिस प्रकार तुम्हें सोने के लिए समय नहीं मिलता क्योंकि तुम देर रात तक कड़ी मेहनत करती हो , ठीक उसी प्रकार मेरे चेले भी सोते नहीं हैं क्योंकि उन्हें भी सतर्क और जागरूक बनने के लिए कड़ी मेहनत करना पड़ता है l” 

वास्तव में , बुद्ध तो उसे यह बताते हुए चला गया कि जीवन में कोई किस स्तिथि में है यह मायने नहीं रखता , चाहे राजा हो या रंक या साधू l मायने तो यह रखता है कि कोई सतर्क और जागरूक नहीं रह गया है l 



“जो हमेशा सतर्क है , जो दिन हो या रात हमेशा अपने आप को अनुशासन में रखता है और जिसका एक मात्र उद्देश्य ही निर्वाण है , उसका सारा कलंक नष्ट हो जाता है l”  - महात्मा बुद्ध 

A story in hindi | Inspiring short stories in hindi | Motivational stories in hindi | Hindi short stories |


अन्य हिंदी कहानियाँ- 

दोस्तों, अगर आपको यह कहानी "मेहनती सोते नहीं" पसंद आये तो अपने दोस्तों के साथ भी जरुर शेयर करे l कहानी से संबंधित अपने विचार आप निचे कमेंट भी करे l 

Share This Article

Add Comments


EmoticonEmoticon