एक अकेला सैन्य अभियान ISIS का हल नहीं है

Looks like ISIS
यह समसामयिक निबंध हमारे एक पाठक जो रूस देश से हैं, ने भेजा है l यह लेख उन्होंने english में A Military Campaign Alone Is Not the Solution to ISIS शीर्षक से भेजा जिसे मैंने hindi में अनुवाद कर यहाँ प्रकाशित किया है l आप भी इस लेख को पढ़े तथा पसंद आने पर अपने अन्य पाठकों से share करें -

A Military Campaign Alone Is Not the Solution to ISIS , written by - Ed Husain
एक अकेला सैन्य अभियान ISIS का हल नहीं है l 

ऐसा माना गया था कि सभी युद्धों को समाप्त करने के लिए युद्ध होना चाहिए l प्रथम विश्वयुद्ध (First Worldwar) के 90 वर्ष से भी अधिक बीत जाने के बाद , हम अभी भी इस क्षेत्र में तुर्की नेतृत्व के विनाश के बाद मध्यपूर्व के लिए त्रुटिपूर्ण ब्रिटिश और फ्रांसीसी योजनाओं के परिणामों के साथ काम कर रहे हैं।

अमेरिका वह गलती करने का जोखिम नहीं ले सकता जो उस वक्त गोरों ने किया था l अरबों के लिए किसी भी क्षेत्रीय नेतृत्व के अभाव में, अमेरिका ने मध्य पूर्व के राज्यों की अमेरिका संरक्षण पर निर्भरता का एक संस्कृति को बढ़ावा दिया है। अरब चाहता है कि अमेरिका उन्हें हर बिंदु पर जमानत दे दें , जबकि दूसरी तरफ वह खुद विकास की यूरोपीय संघ शैली की उपेक्षा करता है जो एक आम सुरक्षा नीति भी बना सकता है, और जो इस क्षेत्र में इस्लामवादियों और जिहादियों से उत्पन्न आसानी से हल नहीं होने वाली वैचारिक चुनौतियों का सामना कर सकता है l

राजनीतिक एकता, मुक्त बाजार पूंजीवाद और धार्मिक बहुलवाद, मध्य पूर्व की गहरी समस्याओं को हल कर सकते हैं , जिनमें से ISIS सिर्फ एक लक्षण(symptom) है l

 “एशिया के लिए धुरी” वाली सारी बातें होने के बाद , अमेरिका का मध्यपूर्व से वापसी स्वागतयोग्य कदम है , लेकिन युद्ध कभी भी शांति स्थापित नहीं कर सकता l ओसामा बिन लादेन की हत्या आतंकवाद को नष्ट नहीं किया , और ISIS लड़ाकों को मारकर स्थिरता नहीं आ पाएगी l अमेरिकी नेतृत्व और soft power (आम तौर पर आर्थिक या सांस्कृतिक प्रभाव के उपयोग से जुड़े अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए एक प्रेरक दृष्टिकोण ) को मध्यपूर्व में इन तीन क्षेत्रों में निवेश करना चाहिए :-
 
पहला, विश्व भर के मुस्लिम समुदायों जो उग्रवाद और आतंकवाद की सख्त विरोध करते हैं , उन्हें वितीय समर्थन की आवश्यकता है , इस तरह यह अमेरिका और तुर्की पहल के रूप में अल-कायदा के वैचारिक अपील को रद्द कर सकते हैं l

दूसरा , धर्मशास्त्र और राजनीतिक विचारधारा का एक संयोजन ISIS को  प्रासंगिक और अलग बनाता है , और एक स्थिति में निराश तथा भटके हुए युवाओं में अपने सन्देश के जरिये गहरी छाप छोड़ देता है l अमेरिका और उसके सहयोगी मुस्लिम दलों को विश्वविद्यालय परिसरों, मस्जिदों, मीडिया के आउटलेट, इंटरनेट, जेलों, सोशल मीडिया और  शरणार्थी शिविरों पर इस तरह के विचाधाराओं के लिए वैश्विक प्रतिक्रिया समन्वय (global response coordination) की जरूरत है l इस तरह कट्टरता और भर्ती बाधित हो सकता है, लेकिन छोटी मात्रा में , जब तक कि अमेरिकी नेतृत्व अरब प्रभावकों (influencers) को लामबंद नहीं करता l

और अंतिम , ISIS मध्यपूर्व में गहरी समस्याओं का एक लक्षण मात्र है l ISIS के बाद, एक और आतंकी समूह उभरेगा। इस क्षेत्र की कई समस्याओं को नई सोच, और नए क्षेत्रीय जवाब की आवश्यकता है। मध्यपूर्व का एकीकरण इस धरना को गलत साबित करता है कि खिलाफत ही मुस्लिम समस्याओं का एकमात्र जवाब है l मध्यपूर्व में यूरोपीय संघीय संस्करण उद्यमी निवेश के लिए उच्च बेरोजगारी और कम पूंजी से भरा एक समृद्ध क्षेत्र बनाने में मदद करता है, लेकिन यह भी कण की तुलना में बेहतर कथा प्रदान करता है l

जब तक कि हम लम्बी अवधि के लिए और अलग तरह से नहीं सोचते हैं , तब तक हमें जिहादियों से लड़ने में बचाव की मुद्रा में रहना जारी रहेगा l अमेरिका को मध्यपूर्व को यह दिखाने कि जरूरत है कि किस तरह राजनीतिक एकता, धार्मिक बहुलवाद और मुक्त बाजार पूंजीवाद के माध्यम से बेहतर भविष्य को प्राप्त किया जा सकता है l


Note:- Ed Husain को इतने सुन्दर article भेजने के लिए धन्यवाद l यह लेखक के स्वयं के विचार है lअगर आपके पास भी कोई article है तो आप हमें भेज सकते हैं l यहाँ हम उसे आपके नाम के साथ प्रकाशित करेंगे l Article इस email id पर भेजें - welovehindi@gmail.com  
 

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