A Short Story in Hindi - जूते

Chandan 9:21 pm
एक दिन गाँधी जी ट्रेन में चढ़ने के लिए जैसे ही कदम रखे उनके एक पैर का जूता फिसल कर पटरी पर गिर गया l वह इसे वापस लेने में असमर्थ थे , क्योंकि ट्रेन आगे बढ़ने लगा था l अपने साथियों को चकित करते हुए गाँधी जी ने शांत मन से अपने दूसरे पैर के जूते को खोलकर पटरी पर पहले वाले जूते के पास फेक दिए l

अपने साथी यात्री द्वारा यह पूछे जाने पर कि उन्होंने ऐसा क्यों किया , गाँधी जी मुस्कराए l

"गरीब आदमी जो ट्रैक पर पड़ा जूता पाता है ," गाँधी जी बोले ,"अब उनके पास उपयोग करने के लिए जूतों की एक जोड़ी होगी l"

मित्रों ! महान लोगों के असाधारण शख्शियत होने का तो यह एक नमूना मात्र है l 

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