दीक्षा एप रजिस्ट्रेशन - How to Register in Diksha App?

Diksha App Registration - दीक्षा ऐप पर रजिस्ट्रेशन करना (How to Register in Diksha App) Full Tutorial in Hindi. Diksha App Registration Link.

Diksha app registration

शिक्षकों के लिए शुरू किया गया NISTHA: National Initiative for School Heads' and Teachers' Holistic Advancement, प्रशिक्षण MHRD भारत सरकार की एक अनूठी पहल है। इसके माध्यम से Integrated Teacher Training प्रोग्राम डेवलप किया गया है जिससे कि स्कूल एजुकेशन के क्वालिटी को इम्प्रूव किया जा सके। और, यह ट्रेनिंग Diksha App एवं Portal के जरिये संचालित किया जा रहा है।  

आज के इस पोस्ट में हम आपको सम्पूर्ण जानकारी दे रहे हैं कि दीक्षा ऐप में रजिस्ट्रेशन कैसे करे? How to Register in Diksha App in Hindi? क्योंकि दीक्षा ही एक ऐसा App है जहाँ से Nishtha Online ट्रेनिंग प्राप्त किया जा सकता है।

Diksha App Registration-


दीक्षा App रजिस्ट्रेशन करने के लिए सबसे पहले आप अपने स्मार्टफोन में Diksha App Install कर लें। दीक्षा App रजिस्ट्रेशन लिंक यहाँ दिया गया है, जिस पर क्लिक कर आप Playstore से यह APP इनस्टॉल कर सकते हैं। अथवा आप सीधे अपने मोबाइल में Playstore खोलें और DIKSHA - Platform for School Education सर्च कर इनस्टॉल कर लें।


App इनस्टॉल करने के बाद नीचे बतलाये गए सभी स्टेप्स को ध्यान पूर्वक फॉलो करें -

  1. अपने मोबाइल में Diksha App open करे। 
  2. अपने मनपसंद भाषा का चयन करे - Hindi या English या अन्य और जारी रखें बटन दबाये। 
  3. अब Teacher/शिक्षक सेलेक्ट करें। 
  4. अपने बोर्ड का चुनाव करे - उदहारण के लिए - State Bihar एवं दाखिल करे बटन दबाये। 
  5. अब माध्यम चुने - Hindi / English / Other जो आप चुनना चाहे और दाखिल करे बटन दबाये।
  6. अब कक्षा का चुनाव करे - आप जिस भी कक्षा से संबंधित हैं। और दाखिल करे बटन दबाये। 
  7. अब तक आपका Self - Enrolment का कार्य पूर्ण हो गया है। अब आप स्क्रीन पर X (Close) चयन करे या सबसे नीचे "पाठ्यपुस्तक चुनकर शुरुआत कीजिए" ऑप्शन पर क्लिक कर Dashboard पर जाएँ। 
  8. Dashboard में नीचे दाएँ कोने में Profile (प्रोफाइल) पर क्लिक करें।  
  9. अब प्रोफाइल विवरण पेज खुलेगा जिसमें नीचे जाने पर "लॉग इन करे" बटन पर क्लिक करें। 
  10. अब Log In पेज खुलेगा। यहाँ पर "Register Here" लिंक पर क्लिक करें। 
  11. अब Registration पेज खुलेगा। 
  12. रजिस्ट्रेशन पेज पर अपना जन्म तिथि के वर्ष का चयन करें। 
  13. फिर अपना सही-सही पूरा नाम दर्ज करें। फिर Mobile Number या Email Address का ऑप्शन चुनें। OTP इसी मोबाइल या ईमेल पर प्राप्त होगा। 
  14. अगले कॉलम में Password बनाये। Password कम-से-कम 8 अंक का होना चाहिए जिसमें कैपिटल लेटर, स्मॉल लेटर, कोई सिंबल, और अंक होने चाहिए। उदहारण - Lhin@12345 इस प्रकार का पासवर्ड नहीं बनाने पर रजिस्ट्रेशन नहीं हो पायेगा। 
  15. पुनः अगले कॉलम में वही पासवर्ड डालकर कन्फर्म करें। 
  16. अब "I understand and accept DIKSHA Terms of use" को टिक करें।
  17.  अब Register बटन हाईलाइट हो जायेगा , इसपर क्लिक करे। (कभी-कभी Captcha Verification भी हो सकता है)
  18. Register बटन पर क्लिक करते ही OTP मांगेगा। आपके मोबाइल नंबर या ईमेल पर OTP प्राप्त हुआ होगा। दिए गए बॉक्स में OTP दर्ज करे और Submit कर दें। 
  19. अब आपका रजिस्ट्रेशन प्रॉसेस पूर्ण हो गया है। आप स्वतः ही Log In पेज पर आ जायेंगे। 
  20. लॉगइन पेज पर दिए गए बॉक्स में मोबाइल नंबर या ईमेल ID डालें एवं Password डालें (जो पासवर्ड आपने रजिस्ट्रेशन के वक्त बनाया था) और "LOGIN" बटन पर क्लिक करें। 
  21. लॉगिन होने के बाद Dashboard खुलेगा। 
  22. पुनः Dashboard के नीचे दाहिने कोने में प्रोफाइल (Profile) पर क्लिक करें। 
  23. आपकी DIKSHA ID दिखेगी। इस पेज पर "विवरण दाखिल करें" ऑप्शन का चयन करें। 
  24. Teacher का चयन करें 
  25. अपना State चयन करें। 
  26. आपका विवरण खुलेगा जहाँ Mobile / Email जो आपने रजिस्ट्रेशन के वक्त दिया होगा स्वतः भरा हुआ दिखाई देगा। अगर दोनों में कोई खली रहे तो सही जानकारी डालकर OTP वेरीफाई कर लें। यहाँ मोबाइल नंबर वेरीफाई होना अत्यावश्यक है। 
  27. अगले कॉलम में  विद्यालय या संस्था का नाम दर्ज करें। 
  28. अपने विद्यालय का UDISE Code दर्ज करें। 
  29. अगला कॉलम "राज्य/बोर्ड/संस्था द्वारा अनुरोध किया गया ID" में ID ज्ञात हो तो डालें अथवा ज्ञात न हो तो अपने UDISE Code में शिक्षक उपस्थिति पंजी का वरीयता क्रम दो अंकों में (जैसे- 01, 02, 03 ........ 09, 10, 11, 12 जो लागु हो) जोड़कर यूनिक ID बना सकते हैं। (उदहारण - 10200305002 + 03 = 1020030500203 यूनिक ID)
  30. आगे "मैं DIKSHA के एडमिन के साथ इन विवरणों को साझा करने के लिए सहमत हूँ" वाले चेक बॉक्स में टिक कर "दाखिल करें" बटन को दबायें। 
  31. Hurrah ! आपका Diksha App Par Registration पूर्ण हो चूका है। अब आप Schedule के अनुसार Course करने के लिए तैयार हैं।

Conclusion:


उपरोक्त सभी प्रक्रियाओं को आप यदि क्रमबद्ध तरीके से फॉलो करते हैं तो आपका दीक्षा पर रिजिस्ट्रेशन पूर्ण माना जायेगा। इसके अतिरिक्त भी आपको यदि कोई समस्या आ रही हो तो अपने ब्लॉक के बी आर पी से तक़नीकी सहायता हेतु संपर्क कर समाधान पा सकते हैं। 

आप अपनी समस्या हमें नीचे कमेंट में भी लिख सकते हैं। हम आपकी समस्याओं का समाधान करने की भरसक प्रयास करेंगे। 

हमें उम्मीद है कि इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद Diksha app registration kaise kare अथवा Diksha app login kaise kare वाली समस्या का 100% समाधान हो चुका होगा। 

इस आर्टिकल को अपने अन्य शिक्षक साथियों के साथ Share अवश्य करें।

Related Article in Hindi:

  1. DIKSHA Full Form in Hindi
  2. SWAYAM Full Form in Hindi
  3. MOOC Full Form in Hindi
  4. NPTEL Full Form in Hindi
  5. Download Diksha Certificate
  6. Nishtha Module Quiz Answers 

RIP Meaning In Hindi - रिप फुल फॉर्म इन हिंदी

रिप फुल फॉर्म: RIP full form in Hindi. Rip meaning in Hindi - रिप का मतलब क्या होता है?


RIP Full Form in Hindi

रिप फुल फॉर्म इन हिंदी का यह पोस्ट आपको RIP का विस्तृत नाम (Full Form) तो बताएगा ही साथ ही RIP full meaning in Hindi की पूर्ण व्याख्या भी करेगा। 

दोस्तों, आपने RIP शब्द का इस्तेमाल कभी जरुर किया होगा या किया नहीं होगा तो सुना जरुर होगा l और अगर आप इस RIP शब्द से ही अनजान हैं तो आज का यह पोस्ट आपको रिप (R I P) का हिंदी में क्या मतलब होता है, RIP का कहाँ प्रयोग किया जाना चाहिए और कहाँ नहीं किया जाना चाहिए, इसका पूर्ण विश्लेषण करेगा। तो इस पोस्ट को आप जरूर पूरा पढ़ें।


दोस्तों, आज के डिजिटल दुनिया में कोई भी ज्ञान लोगों को आसानी से उपलब्ध हो जाता है यदि वह इंटरनेट पर उपलब्ध हो तो l लेकिन, इसी डिजिटल दुनिया में आपको कभी ऐसे शब्द मिल जाते हैं खासकर WhatsApp, Facebook, Twitter इत्यादि सोशल मिडिया में जिसका आप long-form और अर्थ ढूंढने लग जाते हैं l

WhatsApp, Facebook इत्यादि पर तो आज शब्द एकदम से सिकुड़ता जा रहा है खासकर जब हम चैट करते हैं तो संक्षिप्त शब्दों का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं l और ऐसे में अगर आपको उस शब्द का full form और meaning नहीं पता हो तो अटपटा सा लगने लगता है l तो इसी कड़ी में आज के इस पोस्ट में हम R I P जैसे शब्द की व्याख्या करेंगे और R.I.P. full form की विशेष जानकारी प्राप्त करेंगे l

यह भी जानें - SWAYAM FULL FORM


RIP Full Form in Hindi


RIP यानि Rest in Peace यह RIP का full form है l हिंदी में RIP शब्द का अर्थ आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना या दुआ करना होता है l

RIP = Rest In Peace (English)

RIP hindi = वह शांति से आराम करना शुरू करें। 

रिप का अर्थ से तो आपको बिल्कुल समझ में आ गया होगा कि इसका इस्तेमाल मृत व्यक्ति के लिए किया जाता है l Rest in Peace एक इंग्लिश शब्द है जो लैटिन भाषा के शब्द Requiescat in Pace की जगह इस्तेमाल किया जाता है l मृत व्यक्ति के सम्मान और उनकी आत्मा की शांति की दुआ के लिए यह संक्षिप्त शब्द RIP का इस्तेमाल किया जाता है l

RIP शब्द क्रिस्चियन समुदाय के द्वारा विशेष इस्तेमाल किया जाता है l जब वे मृत शरीर को दफनाते हैं तो उसके कब्र पर क्रूस लगाते हैं और उनके ऊपर RIP भी लिखते हैं l यह उनके लिए मृत आत्मा के प्रति प्रार्थना और दुआ प्रकट करने का एक जरिया है l

हालाँकि, अब अन्य समुदायों में भी रिप शब्द का इस्तेमाल किया जाने लगा है l सोशल मीडिया के जरिये लोग अपने संसार छोड़ गये परिजनों के लिए या अन्य कोई भी जिससे वह सहानुभूति रखता हो उनके खोने पर, RIP लिखकर अपनी भावना को जाहिर करते हैं l

तो अगली बार जब भी आप RIP लिखें तो सोच समझ कर लिखें क्योंकि यह शब्द एक जीवित व्यक्ति को बहुत चोट पहुँचा सकता है l अब R I P meaning in Hindi पढने के बाद तो आप एक जीवित व्यक्ति के लिए इसका इस्तेमाल कभी नहीं करेंगे ऐसा हम मानते हैं l



RIP Meaning in Hindi


उपरोक्त व्याख्या के आधार पर हम कह सकते हैं कि रिप शब्द का इस्तेमाल दुःख की घड़ी में, मृत आत्मा की शांति के लिए किया जाता है l और सच भी यही है कि इसी सन्दर्भ में इसका इस्तेमाल विशेष रूप से किया जाता है l लेकिन अन्य सन्दर्भों में भी RIP के कुछ अलग forms और meaning होते हैं जिसे आपको जरुर जान लेना चाहिए l

कंप्यूटर और नेटवर्किंग के क्षेत्र में R. I. P का full form होता है - Routing Information Protocol

फिजिक्स (भौतिकी) के क्षेत्र में R I P का full form होता है - Refractive Index Profile

कानून के क्षेत्र में RIP का full form होता है - Regulatory of Investigation Powers

तो ये सभी RIP Full Form भी हैं जो religion और spirituality से अलग है l लेकिन, full form of rip in hindi को सर्च करने का मतलब religion और spirituality से ही जुड़ा है l

हिंदी में RIP का Meaning चिरना या फाड़ना भी होता है l तो स्पष्ट है कि एक शब्द अपने अर्थ और भाव को समय, काल और परिस्थिति के हिसाब से बदल देता है l उचित समय और काल में उचित शब्द का प्रयोग ही अभिव्यक्ति को सही अर्थ देता है l

क्या आप जानते हैं? - Meaning of Poked in Hindi


History of Rest in peace (RIP)


विकिपीडिया के अनुसार, वाक्यांश “Rest in Peace” का इस्तेमाल पहली बार पाँचवीं शताब्दी के आस-पास कब्रों पर पाया गया था l बाद में 18 वीं शताब्दी के अंत तक यह ईसाईयों द्वारा कब्रों पर व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाने लगा l विशेष रूप से रोमन कैथोलिक के अनुसार l रोमन कैथोलिकों का यह मानना था कि मृत्यु के पश्चात् आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना रूपी अनुरोध की जरुरत होती है l यह ईसाई सिद्धांत से भी जुड़ा है, क्योंकि बाइबिल कहता है कि, "मृत्यु के बाद आत्मा को शरीर से अलग कर दिया जाता है, लेकिन यह कि आत्मा और शरीर को जजमेंट डे पर फिर से मिलाया जाएगा l" तब तक Rest in Peace.

क्या आपको RIP Use करना चाहिए?


ऐसा नहीं है कि सभी ईसाई समुदाय इस RIP शब्द को मानता है l ईसाई धर्म का प्रोटेस्टेंट समुदाय इसे मानने से इंकार करता है l उत्तरी आयरलैंड में, 2017 में, प्रोटेस्टेंट समुदायों ने RIP या Rest in Peace शब्द का उपयोग बंद करने का आह्वान किया l प्रोटेस्टेंट का मानना है कि यह कोई ईश्वरीय वचन नहीं है l RIP या Rest in Peace को प्रार्थना के रूप में फ्रेम किया गया है जो कि गलत है l लैटिन में, इसका शाब्दिक अर्थ है “May he begin to rest in peace!” अर्थात् "वह शांति से आराम करना शुरू करें।"

लेकिन इसके बाबजूद यह शब्द अपना प्रसार और लोकप्रियता हासिल करते जा रहा है l और आज यह वाक्यांश आधुनिक संस्कृति का हिस्सा बन गया है l

Some Facts of RIP (Rest in Peace)

इसका long form होता है- Rest in Peace.
हिंदी में RIP means "वह शांति से आराम करना शुरू करें।"
यह वाक्यांश लैटिन शब्द Requiescat in Pace से लिया गया है l
यह वाक्यांश मृत व्यक्ति के लिए उपयोग होता है न कि जीवित के लिए l
इसका सर्वाधिक इस्तेमाल कैथोलिक ईसाईयों द्वारा किया जाता है l
आधुनिक संस्कृति में अन्य समुदाय भी RIP का इस्तेमाल करने लगा है l
अन्य समुदाय द्वारा इसका इस्तेमाल facebook, whatsapp जैसे सोशल साईट पर ही होता है l लेकिन ईसाई RIP का इस्तेमाल कब्र पर करते हैं l
ईसाईयों का प्रोटेस्टेंट समुदाय RIP शब्द का इस्तेमाल नहीं करने का आह्वान करता है l

Final Words For RIP


तो दोस्तों, अंततः हमने RIP full form और RIP meaning in hindi की सम्पूर्ण व्याख्या इस लेख में कर दिया है l आपको RIP use करना चाहिए या नहीं ये आप खुद तय करें l इस संबंध में कोई भी सवाल या सुझाव हो तो हमें कमेंट कर जरुर बताएं l अगर यह लेख अच्छा लगे तो इसे अन्य दोस्तों के साथ साझा भी करें l

यह भी पढ़ें- Full form of MOOC

दीक्षा का फुल फॉर्म क्या है? Diksha Full Form in Hindi

Diksha Full Form: What Is The Full Form Of Diksha (दीक्षा) In Hindi? Digital Learning Platform दीक्षा फुल फॉर्म And Diksha App Advantages For Teachers


दीक्षा (Diksha) एक Digital Learning Platform है जिसे MHRD भारत सरकार ने विकसित किया है। यह Diksha Platform सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए स्कूल पाठ्यचर्या से संबंधित उपयुक्त सामग्री प्रदान करता है। 

आज के इस पोस्ट में हम आपको बताने जा रहे हैं कि दीक्षा का फुल फॉर्म क्या होता है अर्थात दीक्षा फुल फॉर्म इन हिंदी - Diksha Full Form in Hindi. साथ ही दीक्षा App और Portal की जानकारी हिंदी में आप यहाँ से प्राप्त कर सकते हैं। 

दीक्षा का फुल फॉर्म क्या है? Full Form Of Diksha


Diksha Ka Full Form है - Digital Infrastructure for Knowledge Sharing. अर्थात हिंदी में इसे नॉलेज शेयरिंग के लिए डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर कहा जा सकता है।

अगर आप Diksha App Ka Full Form भी जानना चाहते हैं तो उसके लिए Digital Infrastructure for Knowledge Sharing App कहा जा सकता है।

Diksha full form
Image credit: Diksha.gov.in

Related Full Form - 



दीक्षा (Diksha) का मुख्य उद्देश्य क्या है?


National Portal of India के अनुसार Diksha - National Digital Infrastructure for Teachers ( शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय डिजिटल अवसंरचना) है। 

दीक्षा प्लेटफार्म का मुख्य उद्देश्य यह है कि देशभर के सभी शिक्षक उन्नत डिजिटल तकनीक से लैस होंगे तथा Diksha उन सभी शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर के रूप में काम करेगा। 

इसके लिए National Teacher Platform (NTP) भी तैयार किया गया है जहाँ से शिक्षक निम्नरूपेण लाभान्वित होंगे -

  • शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम (उदाहरण - सीखने के परिणामों, सीसीई, आदि पर प्रशिक्षण) - Teacher training courses (example - training on learning outcomes, CCE, etc.)
  • पाठ योजना, अवधारणा वीडियो, कार्यपत्रक, पाठ्यक्रम के लिए मैप किए गए शिक्षण संसाधन - Teaching resources such as lesson plans, concept videos, worksheets, mapped to curriculum
  • शिक्षकों के लिए आकलन, उनकी ताकत और सुधार के क्षेत्रों का पता लगाना - Assessments for teachers, to find out their strengths and areas of improvement

Diksha infrastructures
Image credit: Diksha.gov.in


Advantages of Diksha App and Portal for Teachers


  • यहाँ से शिक्षक अपनी कक्षा को रोचक बनाने के लिए इंटरैक्टिव और आकर्षक शिक्षण सामग्री प्राप्त कर सकते हैं।
  • छात्रों को कठिन अवधारणाओं को समझाने के लिए अन्य शिक्षकों के साथ सबसे अच्छे अभ्यास (Best Practices) को Share कर सकते हैं। 
  • शिक्षक अपने व्यावसायिक विकास को आगे बढ़ाने के लिए Course Join कर सकते हैं और पूरा होने पर बैज और प्रमाणपत्र अर्जित कर सकते हैं। 
  • एक स्कूल शिक्षक के रूप में अपने कैरियर के दौरान अपने शिक्षण इतिहास का रिकॉर्ड देख सकते हैं। 
  • समय-समय पर अपने राज्य विभाग से आधिकारिक घोषणाएं प्राप्त कर सकते हैं। 
  • अपने द्वारा पढ़ाए गए विषय के बारे में अपने छात्रों की समझ की जाँच करने के लिए डिजिटल मूल्यांकन Conduct कर सकते हैं। 

अगर आप Diksha Training Certificate Download करना चाहते हैं तो इस आर्टिकल को पढ़ें - How Can I Download Diksha Certificate?

अगर आप Diksha App पर रजिस्ट्रेशन के बारे में जानना चाहते हैं तो इस आर्टिकल को पढ़ें - How Can I Register In Diksha?


Conclusion:


Diksha केंद्र सरकार का unique initiative है जो शिक्षकों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है।  इसका विकास शिक्षकों के सम्पूर्ण life cycle को ध्यान में रखकर किया गया है। यह मौजूदा शिक्षण नीति को देखते हुए शिक्षकों को और अधिक scalable और flexible digital infrastructures प्रदान करता है क्योंकि शिक्षक एक छात्र के लिए उनके अन्य स्कूली पहलुओं से अधिक मायने रखता है। 

हमने इस लेख में What The Full Form Of The Digital Learning Platform Diksha को जानने के अतिरिक्त उसका विस्तृत विशेलषण भी किया है। हमें उम्मीद है कि Diksha Full Form in Education in Hindi का यह लेख आपको जरूर अच्छा लगा होगा। अपने विचार हमें कमेंट में लिखें साथ ही इसे अन्य दोस्तों के साथ Share भी करे।

दीक्षा ट्रेनिंग सर्टिफिकेट कैसे डाउनलोड करे? Download Diksha Certificate

Diksha Training Certificate Download - How To Download Certificate From Diksha App or Website? दीक्षा एप अथवा वेबसाइट से ट्रेनिंग सर्टिफिकेट डाउनलोड गाइड

अगर आप NISHTHA ट्रेनिंग DIKSHA के माध्यम से प्राप्त कर रहे हैं, और अगर आपने निर्धारित कोर्स को 100% पूरा कर लिया है तो निश्चित ही आप उस कोर्स का सर्टिफिकेट डाउनलोड करना चाहेंगे।  

इस पोस्ट में हम आपको यही बताने जा रहे हैं कि आप कैसे Diksha Training Certificate Download कर सकते हैं। 

www.diksha.gov.in certificate download करने लिए नीचे बतलाये गए स्टेप्स को आप ध्यानपूर्वक पढ़ें और फॉलो करें।

प्रमाण पत्र कैसे डाउनलोड करें? Download Certificate from Diksha App

1. सबसे पहले अपने मोबाइल में दीक्षा एप को ओपन करें। 

2. प्रोफाइल पर जाएँ। (नोट: सहायता के लिए चित्र देखें।)

Diksha profile

3. पेज को नीचे की तरफ स्क्रॉल करें। आपको वह सभी कोर्स का लिस्ट दिखेगा जिसे आपने ज्वाइन कर रखा है। इन कोर्सेज में से जिस कोर्स को आपने 100% पूरा कर लिया है उसके आगे आँख का चिन्ह और Certificate लिखा बटन दिखेगा।

Diksha certificate

4. Certificate बटन पर क्लिक करें। Certificate Download होना शुरू हो जायेगा जिसका नोटिफिकेशन भी आपके स्क्रीन पर शो होगा। 

5. Diksha Course Certificate आपके मोबाइल स्टोरेज में सेव हो जायेगा। आप नोटिफिकेशन पर क्लिक कर सीधे सर्टिफिकेट ओपन कर सकते हैं। 

6. दीक्षा सर्टिफिकेट PDF फॉर्मेट में रहता है।

Thats it. ऊपर बताये गए सभी स्टेप्स को आप एक के बाद एक फॉलो करते जाएँ आप आसानी से दीक्षा ट्रेनिंग सर्टिफिकेट डाउनलोड कर पाएँगे। 

Also Read Related Diksha Posts-


दीक्षा सर्टिफिकेट को वेरीफाई कैसे करें? How to Verify Diksha Certificate?


दीक्षा सर्टिफिकेट को वेरीफाई करना एक जरुरी कदम है ताकि आपको पता चल सके कि सर्टिफिकेट में दर्ज सभी रिकॉर्ड यथा नाम, जन्म तिथि, कोर्स पूरा करने की तारीख इत्यादि सही है या नहीं। तो चलिए Diksha Certificate Verification के लिए आपको आगे की प्रक्रिया बतलाते हैं। 

1. आपके सर्टिफिकेट पर एक QR Code दिया होता है जिसे आप स्कैन करें। किसी भी Scaning App से यह काम कर सकते हैं।

Diksha training certificate

2. सफलतापूर्वक स्कैनिंग के बाद एक URL जेनेरेट होगा जिसपर क्लिक कर Browser में ओपन करें। 
3. ब्राउज़र में URL ओपन होने पर 6 अंक का कोड मांगेगा जो आप सर्टिफिकेट में QR के नीचे 6 अंक का कोड दिया रहता है वही डालें। 
4. अब Verify बटन पर क्लिक करें। 
5. आपके दीक्षा सर्टिफिकेट में दर्ज सभी जानकारी आपके स्क्रीन पर आ जायेगा। 

That's it. ऊपर बताये गए आसान सी प्रक्रिया को फॉलो कर आप अपनी या किसी दूसरे के भी सर्टिफिकेट को वेरीफाई कर सकते हैं। 

Conclusion:


इस पोस्ट में हमने आपको Diksha Training Course Certificate Download करने की प्रक्रियाओं के बारे में बतलाया है साथ ही हमने यह भी बतलाया है कि किसी भी Diksha Certificate का Verification कैसे किया जाता है। उम्मीद है कि यह जानकारी आपको जरूर इंफॉर्मेटिव लगा होगा। 

अपने विचार हमें कमेंट में लिखें साथ ही इस पोस्ट को अन्य दोस्तों के साथ शेयर भी करें। 

केस स्टडी फाइल कैसे बनाये? Case Study in Hindi PDF

CASE STUDY OF A CHILD IN HINDI PDF FORMAT FOR B.ED. AND D.EL.ED. STUDENTS


किसी भी B.ED. एवं D.EL.ED. कोर्स के अंतर्गत SCHOOL BASED ACTIVITIES एक PRACTICAL चैप्टर है जिसके अंतर्गत आपको CASE STUDY OF A CHILD (किसी एक छात्र का केस स्टडी ) बनाना पड़ता है l 

यहाँ हम आपको CASE STUDY IN HINDI का विवरण एक SAMPLE के रूप में देने जा रहे हैं तथा NIOS द्वारा तय एक QUALITY केस स्टडी फॉर्मेट इन हिंदी PDF FREE DOWNLOAD करने का ऑप्शन भी ताकि आप आसानी से किसी बच्चे का CASE STUDY तैयार कर सके l

Case Study Format in Hindi (केस स्टडी प्रोफाइल)


किसी बच्चे का केस स्टडी फाइल कैसे बनाये इसके लिए नीचे हमने उसका प्रॉपर फॉर्मेट दिया है जो NIOS द्वारा DELED पाठ्यक्रम के अंतर्गत 511.1 Format के रूप में आता है। यदि आप B. Ed. पाठ्यक्रम के लिए Case Study File for B.Ed in Hindi चाहते हैं तब भी आपको यही केस स्टडी फाइल (PDF) काम आएगा।

CASE STUDY OF A CHILD WITH LEARNING DIFFICULTIES OR WITH SPECIAL NEEDS IN HINDI

1. प्रशिक्षु शिक्षक का नाम:................................................................
2. नामांकन क्रमांक (ENROLLMENT NO.):...................................................
3. अध्ययन केन्द्र का नाम व पता:.................................................................
..........................................................................................................................
4. विद्यालय का नाम व पता:.................................................................
.....................................................................................................................

अ) छात्र का विवरण 


1. छात्र का नाम:..................................................................
2. जन्म तिथि:..................................................................
3. पुरुष / महिला:..................................................................
4. अभिभावक / संरक्षक : : पिता:.......................................................
माता:........................................................
  अभिभावक:..................................................
5. कक्षा जिसमें अध्ययनरत है:..................................................................
6. पत्र व्यवहार का पता:...........................................................................
................................................................................................................
7. माता – पिता / अभिभावक की मासिक आय:...........................................
8. पिता / अभिभावक का कार्यक्षेत्र और शैक्षिक योग्यता:...............................
9. माँ का कार्यक्षेत्र और योग्यता:................................................................
10. संख्या:.............................भाई ...........................बहन
11. अपने भाई बहनों के बीच की मूल स्थिति (बड़ा / मझला / छोटा ):........

आप इस केस स्टडी फॉर्मेट को डाउनलोड कर सकते हैं। 

ब) समस्या और समाधान का विवरण 


1. समस्या अध्ययन का उद्देश्य - केस स्टडी का मुख्य उद्देश्य बच्चों के सभी पक्षों से भली भांति परिचित होना है l जैसे कि बच्चों में छुपी हुई कमजोरी को उजागर करना, पढाई में अभिरुचि का कम होना, विद्यालय के गतिविधियों में हिस्सा न लेना, विद्यालय से अनुपस्थित रहना इत्यादि कारणों का पता लगा कर उसे दूर करने का प्रयास तथा उनमें सकारात्मक पहलुओं का विकास करना इस केस स्टडी का मुख्य उद्देश्य है l 


2. समस्या की प्रकृति :- शैक्षिक / सह-शैक्षिक,  नियमितता, समयबद्धता इत्यादि l ( जैसे:- उपस्थिति, भावना, मनोरंजन, खेलना, बोलना, लेखन, सुनना, पढ़ना इत्यादि )


(i) शैक्षिक / सह-शैक्षिक:-  यह छात्र शैक्षिक तथा सह-शैक्षिक गतिविधियों में बढ़ - चढ़ कर हिस्सा नहीं लेता है l यह पढाई से  दूर भागता रहता है l यह गणित और अंग्रेजी से हमेशा डरता रहता   है l 
(ii) नियमितता:- यह छात्र समय पर कोई भी कार्य पूरा नहीं कर पाता है l इसमें नियमितता का घोर अभाव है l यह विद्यालय भी समय से नहीं पहुचता है और गृह कार्य भी नहीं करता है l 
(iii) समयबद्धता:- नियमितता से ही समयबद्धता जुड़ा हुआ है l क्योंकि नियमित बच्चा ही समय के साथ कदम से कदम मिला कर चल सकता है l परन्तु इस बच्चे में इसका आभाव है , लेकिन यह सुधार की ओर भी अग्रसर है l 
(iv) मनोभाव व मनोरंजन:- बच्चे का मनोभाव सदैव चिंतित और कुंठित नजर आता है l मनोरंजन में यह कभी कभी रूचि लेता है क्योंकि टीवी पर यह कार्टून देखना पसंद करता है l 
(v) सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना:- यह बच्चा सभी बातों को ध्यान से सुनता है परन्तु बोलने से कतराता है l इसका लिखावट भी अच्छा ही है l 


3. बच्चे की समस्याओं के संभावित कारण:- 

बच्चे की समस्या के निम्नलिखित संभावित कारण हैं:-
* पारिवारिक वातावरण का आनंददायी नहीं होना l 
* घर में कलह का वातावरण रहना l 
* शिक्षक से प्रश्न करने में डरना l 
* व्यक्तिगत भिन्नता से अनभिज्ञ रहना l 
* घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होना l 
* साथियों का उनके प्रति बुरा व्यवहार l 
* मार्गदर्शन व परामर्श का अभाव l 
* पारिवारिक अशिक्षा l 


4. बच्चे की क्षमताएँ:- 

* स्मृति क्षमता का प्रबल होना l 
* चित्रकला व पेंटिंग में सबल है l 
* संगीत में भी रूचि रखता है l 
* सहयोगात्मक प्रवृति का है l 
* टीवी में कार्टून फिल्मों को देखकर पूरी तरीके से कहानी याद कर लेता है l 


5. बच्चे के साथ किये गए कार्य का विवरण:- 

बच्चे के माता-पिता व अभिभावकों से मिलकर तथा आस-पास के अन्य सदस्यों से मिलकर बच्चे के विभिन्न समस्याओं पर खुलकर चर्चा किया l चूँकि घर का माहौल शांति पूर्ण नहीं है, घर में कलह के कारण पढाई पर विपरीत प्रभाव पड़ता है , बच्चा समय पर गृह कार्य नहीं कर पाता है, ये सभी बातें उनके घरवालों को समझाया गया तथा बच्चे को प्रोत्साहित किया गया तथा अभिभावकों को भी उसे हमेशा प्रोत्साहित करने को कहा गया l बच्चे के सबल पक्ष को उजागर करने का निर्णय लिया गया l 


6. बच्चे के साथ किये गए कार्य का प्रभाव:-

बच्चे के अभिभावकों को शिक्षा का महत्व समझाने से घर का माहौल बदल गया l मैंने उसे समझाया कि जहाँ शिक्षा है वहां कभी कलह का माहौल नहीं बन सकता है l अभिभावकों को समझ आने से बच्चा भी प्रसन्नचित रहने लगा l अब वह पढाई में भी ध्यान लगाने लगा है और विद्यालय भी समय पर आने लगा है l इससे यह बात साबित होता है कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में माता-पिता, विद्यालय तथा समाज का सहयोग बहुत मायने रखता है l

casestudy

Conclusion:-


उपरोक्त FORMAT के आधार पर ही आप विद्यालय के किसी भी बच्चे का CASE STUDY तैयार कर सकते हैं। अपने अध्ययन में उन सभी मुख्य बिन्दुओं को जरुर शामिल करें जो ऊपर लिखी गयी है l 

यह CASE STUDY IN HINDI पूरी तरह से EDUCATION उद्देश्य के लिए है , इसे आप हुबहू कॉपी पेस्ट न करें l आप का अध्ययन-परिणाम कुछ और भी हो सकता है l यह प्रत्येक बच्चे के लिए अलग हो सकता है l 

यहाँ यह दर्शाने का मकसद है कि आप इस तरह से एक गुणवता पूर्ण CASE STUDY तैयार कर सकते हैं l 

अगर यह केस स्टडी टॉपिक्स आपको अच्छा लगे तो कमेंट कर हमें जरुर बताएं साथ ही सोशल मीडिया में अन्य दोस्तों के साथ शेयर भी करें l

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What is the full form of Swayam? (English)


Swayam full form in English - The full form of Swayam is Study Webs of Active-Learning for Young Aspiring Minds.

अगर सरल शब्दों में हम स्वयं शब्द का विश्लेषण करे तो कह सकते हैं कि SWAYAM एक ऐसा शब्द है जो वर्तमान युवाओं के अधिगम आकाँक्षाओं को वेब अर्थात इन्टरनेट के जरिये पूरा करने का माध्यम प्रदान करता है l

अब आप विस्तृत रूप में यह जानिए कि SWAYAM क्या है? SWAYAM पर login कैसे करें? SWAYAM पर कौन-कौन से कोर्स उपलब्ध हैं? और आखिर SWAYAM की विशेषताएँ (objectives) क्या हैं?

SWAYAM kya hai

स्वयं क्या है? (Swayam Kya Hai)


SWAYAM एक ऐसा IT Platform है जहाँ से 24 घंटे, सप्ताह के सातों दिन, जब, जहाँ, कोई भी विद्यार्थी पढाई कर सकता है l सभी भारतीय विद्यार्थियों के लिए 9वीं कक्षा से लेकर पोस्ट ग्रेजुएशन तक के सभी कोर्सेज SWAYAM Portal पर मुफ्त उपलब्ध है l

SWAYAM का यह प्लेटफ़ॉर्म भारत सरकार के मानव संसाधन विकास विभाग (MHRD) और अखिल भारतीय तकनीकि शिक्षा परिषद् (AICTE) के द्वारा विकसित किया गया है l

यह SWAYAM Platform सॉफ्टवेयर क्षेत्र के दिग्गज कम्पनी MICROSOFT की मदद से तैयार किया गया है जो अभी वर्तमान में 2000 Courses को Host कर रहा है l



SWAYAM COURSES LIST 


अगर आप यह जानना चाहे कि SWAYAM पर कौन-कौन से कोर्सेज लिस्ट हैं तो इसके लिए आप SWAYAM पर लॉग इन कर सकते हैं l यहाँ कुछ ऐसे Courses Lists दिए गए हैं जो आप SWAYAM Platform पर पढ़ सकते हैं l 

1. Secondary and Senior Secondary courses (Mathematics, Physics, Chemistry, Biology, History, Civics, Geography, Sociology, Home Science, Hindi, English, Sanskrit, etc.)
2. Redefining Laboratory Instruction using Virtual Laboratory
3. OER for Empowering Teachers
4. Accreditation of Post Graduate Engineering Programmes
5. Capstone Project
6. Vocational-Yoga
7. Vocational-Beekeeping
8. Vocational-Beauty Therapy
9. Vocational-Panchkarma Assistant
10. OER for Empowering Teachers
11. Vocational-CRM Domestic Voice
12. Vocational-Insurance Services
13. Introduction to Laws
14. Business Studies
15. Library & Information Science

इनके अतिरिक्त भी सैकड़ों courses हैं जो देश के कई Central Universities, IITs, IIMs, NIOS, IGNOU आदि के द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा है l SWAYAM Courses की पूरी जानकारी के लिए आप SWAYAM OFFICIAL WEBSITE पर जा सकते हैं l 

HOW TO REGISTER AND STUDY ON SWAYAM?


अगर आप SWAYAM Login करना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको SWAYAM Platform पर Register करना होगा l SWAYAM REGISTRATION AND LOGIN की पूरी प्रक्रिया को आप नीचे बताए गए स्टेप से पूरा करें–

STEP 1. सबसे पहले SWAYAM.GOV.IN को ओपन करें l

STEP 2. पेज ओपन होने पर ऊपर दाहिने कोने में REGISTER बटन दिखेगा, उसपर क्लिक करें l

STEP 3. रजिस्ट्रेशन पेज खुलने पर फॉर्म में मांगी गयी सूचना सही-सही भरकर अपना प्रोफाइल पूर्ण करे तथा SUBMIT कर दें l

STEP 4. अब पुनः होम पेज पर जाये l

STEP 5. होम पेज पर ऊपर दाहिने कोने में LOGIN बटन दिखेगा, उसपर क्लिक करें l

STEP 6. दिए गए बॉक्स में USERNAME और PASSWORD (जो आप रजिस्ट्रेशन के वक्त डाले थे) FILL करे तथा SIGN IN बटन पर क्लिक कर दें l

STEP 7. WELCOME! अब आप SWAYAM पर लॉग इन हो चुके हैं l अपना मनपसंद SWAYAM COURSE REGISTRATION करें तथा लाभ उठाये l

SWAYAM Login

SWAYAM पर Login करने का एक Short-cut फार्मूला यह भी है कि जब आप लॉग इन पेज पर जायेंगे तो आपको वहां FACEBOOK, GOOGLE, MICROSOFT के अकाउंट से डायरेक्ट लॉग इन करने का आप्शन मिलेगा l आप इनमें से कोई भी अकाउंट (अगर है) से लॉग इन कर सकते हैं l 

SWAYAM की क्या विशेषताएँ हैं? (SWAYAM OBJECTIVES)


1. SWAYAM Massive Open Online Course (MOOC) प्रदान करता है l

2. SWAYAM पर जितने भी courses उपलब्ध हैं उन सभी के लिए video lectures, printed materials (PDF), online tests and quiz तथा online discussion forum जैसे सुविधा प्रदान की जाती है l

3. SWAYAM courses के लिए निम्नलिखित नौ संस्थान को co-ordinators नियुक्त किया गया है – 
  • AICTE- अन्तर्राष्ट्रीय कोर्स के लिए 
  • NPTEL- इंजीनियरिंग कोर्स के लिए 
  • UGC- गैर-तकनीक और पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए 
  • CEC- अंडर ग्रेजुएशन के लिए 
  • NCERT- विद्यालयी शिक्षा के लिए 
  • NIOS- विद्यालयी शिक्षा के लिए
  • IGNOU- विद्यालय से बाहर के छात्रों की शिक्षा के लिए 
  • IIMB- प्रबंधन शिक्षा के लिए 
  • NITTTR- टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए  

4. SWAYAM पर उपलब्ध सभी कोर्स free of cost हैं l

5. अगर आप चाहे तो SWAYAM कोर्स का सर्टिफिकेट भी ले सकते हैं, लेकिन उसके लिए आपको कुछ फीस चुकाने होंगे l

6. SWAYAM आपको course credits देता है जिसे आप अपने वर्तमान संस्थान के अकादमिक रिकॉर्ड में शामिल करवा सकते हैं l

सारांश – दोस्तों, आपने स्वयं हिंदी में (SWAYAM In Hindi) की विस्तृत जानकारी इस आर्टिकल से प्राप्त कर ली है l संक्षेप में आप यह जान लें कि SWAYAM शिक्षा के तीन मुलभुत सिद्धांत पर कार्य कर रहा है – पहुँच (access), निष्पक्षता (equity) तथा गुणवत्ता (quality) l वर्ष 2017 में जब SWAYAM पोर्टल को भारत के राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी के द्वारा लॉन्च किया गया तब यह उम्मीद किया गया कि अगले दो से तीन साल के अंदर इस प्लेटफार्म पर लगभग 1 करोड़ विद्यार्थी नामांकन लेंगे l और इस दिशा में सफलता भी मिल रही है l

SWAYAM Online Education पिछले साल से काफी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है l इसका सबसे बड़ा उपलब्धि NIOS के द्वारा संचालित D.EL.ED. का कोर्स है जिसमें 12 लाख से अधिक प्रशिक्षुओं ने SWAYAM पर अपना नामांकन करवाया l


हमें उम्मीद है कि आपको यह आर्टिकल “SWAYAM Kya Hai? SWAYAM Ka Full Form क्या होता है?“ जरुर पसंद आया होगा l इस पोस्ट से संबधित कोई भी सवाल या सुझाव हो तो नीचे कमेंट करें l इस आर्टिकल को अन्य दोस्तों के साथ शेयर भी करें l शेयर बटन नीचे है l

Assignment In Hindi - असाइनमेंट क्या होता है और इसे आकर्षक तरीके से कैसे लिखें ?

"Assignment In Hindi असाइनमेंट क्या होता है और इसे आकर्षक तरीके से कैसे लिखे", में आज आप विस्तार से, Example सहित जानेंगे कि Assignment kya hota hai और इसे बेहतर तरीके से कैसे लिखा जा सकता है l सबसे बड़ा सवाल कि क्या आप दूसरे का लिखा असाइनमेंट कॉपी कर सकते हैं?

इससे पहले आप जानिए कि Assignment का मतलब क्या होता है?

असाइनमेंट किसे कहते हैं? अथवा Assignment का मतलब क्या होता है?


Assignment को हिन्दी में असाइनमेंट, सत्रीय कार्य, दत्त कार्य या प्रदत्त कार्य भी कहा जाता है l स्कूल और कॉलेज में अध्ययन के दौरान assignment work आपको दिया जाता है, और आप जानते हैं कि स्कूल असाइनमेंट लिखना कितना महत्वपूर्ण है ! आप इसे हलके में नहीं ले सकते l अगर आप इसे हलके में ले रहे हैं तो आप गलत कर रहे हैं और इससे आपका अंतिम रूप से ग्रेड प्रभावित होगा l



असाइनमेंट यानि सत्रीय कार्य क्या है?


Assignment kya hai, इसका जवाब इसके उद्धेश्य में निहित है l असाइनमेंट अर्थात सत्रीय कार्य (Assignment) का मुख्य उद्धेश्य यह जांचना है कि आपने पाठ्य सामग्री को कितना समझा है और आप स्वयं उसे अपने शब्दों में कैसे प्रस्तुत कर सकते हैं ? मतलब ये है कि पाठ्यक्रम के अध्ययन के दौरान आपने जिस क्षेत्र का ज्ञान प्राप्त किया है उसमें आपने कितनी कुशलता प्राप्त कर ली है l



क्या आप दूसरे का असाइनमेंट कॉपी कर सकते हैं?


जाहिर है इसका जवाब होगा नहीं , क्योंकि अगर आप दूसरे का असाइनमेंट कॉपी करते है तो आपके जैसा सैकड़ो – हजारों होंगे जिसका जवाब हु-बहु एक जैसा मिलता होगा और जांचकर्ता को यह समझते देर नहीं लगेगी कि आपने कॉपी किया है l तो ऐसे में क्या होगा ? 

होगा यही कि वह आपका असाइनमेंट आपको वापस लौटा सकता है या अगर नहीं भी लौटाए तो एक औसत मार्क्स आपको दे देगा और आप अच्छा ग्रेड नहीं ला सकते l तो कॉपी करने में ज्यादा रिस्क है l ऐसे में सवाल उठता है कि अगर कॉपी न करें तो एक अच्छा असाइनमेंट कैसे लिखे ?

assignment

असाइनमेंट कैसे लिखे? (How to write Assignment In Hindi)


असाइनमेंट कैसे लिखे या यूँ कहे कि असाइनमेंट कैसे बनाते हैं, इससे पहले हम यह भी जान ले कि असाइनमेंट लिखने के लिए आपको किन-किन चीजों की जरूरत है l 

सबसे पहले आप मार्किट से बड़े आकर के पेपर या प्रोजेक्ट पेपर खरीद लें साथ ही ब्लू बॉल पेन भी l हैडिंग लिखने के लिए आप अलग-अलग रंग का इस्तेमाल कर सकते हैं जो रोचक लगेगा l लाल रंग का इस्तेमाल न करें l

अब आप असाइनमेंट लिखना शुरू कर सकते हैं l इसके लिए आप निम्न मुख्य बिन्दुओं को ध्यान में रखें –
  • सबसे पहले आप रफ़ वर्क करें l
  • असाइनमेंट के सवाल को अच्छी तरह पढ़कर समझ लें l
  • फिर प्रश्न से रिलेटेड पाठ इकाई पढ़ें l
  • जवाब से सम्बंधित पॉइंट बनाये l
  • प्रश्न से सम्बंधित शुरुआत में संक्षिप्त व्याख्या लिखें l
  • उत्तर के मध्य में पॉइंट को विस्तृत करें l
  • निर्दिष्ट शब्द सीमा में ही लिखें l
  • जो भी लिखें उसमें आपका expression और style झलकना चाहिए l
  • उत्तर लिखने में भाषा की त्रुटी न हो खासकर मात्रा और व्याकरण सम्बन्धी l

असाइनमेंट का फर्स्ट पेज कैसे बनाये?


असाइनमेंट के फर्स्ट पेज पर आप मुख्य सूचनाएँ जैसे कि पाठ्क्रम कोड, असाइनमेंट कोड, टॉपिक , आपका नाम, पता जरुर लिखें यह अतिआवश्यक है , इसके बिना आपका असाइनमेंट स्वीकार नहीं होगा l अब आप अपने मुख्य असाइनमेंट पेपर पर लिखना शुरू करें l 

यह भी ध्यान रखिये कि असाइनमेंट हाथ से ही लिखा गया हो l किन्ही विशेष परिस्थिति में ही टाइप करवाने की छुट दी जा सकती है l हर असाइनमेंट का एक अलग फाइल बनाये और ज़ेरॉक्स कॉपी कर एक फाइल अपने पास सुरक्षित जरुर रख लें l बस इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए असाइनमेंट लिखेंगे तो वह आकर्षक भी होगा और यूनिक भी l

For Example हमारे निम्नलिखित Assignment को आप पढ़ें और आप चाहे तो उसे PDF के रूप में Download भी कर सकते हैं l 
1. DELED COURSE 509 ASSIGNMENT 2 QUESTION 1 ANSWER IN HINDI
2. NIOS 507 ASSIGNMENT IN HINDI-ASSIGNMENT-2 QUESTION-2
3. ASSIGNMENT 504 NIOS DELED KA QUESTION ANSWER PDF DOWNLOAD



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